कानपुर के मसवानपुर के गन शहीदा कब्रिस्तान में उनको सुपुर्द ए खाक किया गया। बेटे शाहनवाज आलम ने बताया कि गुरुवार रात नौ बजे ऑक्सीजन का सिलिंडर खत्म हो गया था। डॉक्टरों ने खुद सिलिंडर की व्यवस्था करने को कहा, हम सिलिंडर रिफिल कराने को भटक ही रहे थे।
1965 भारत-पाक युद्ध के दौरान वीरगति पाने वाले परमवीर चक्र विजेता वीर अब्दुल हमीद के बेटे अली हसन (65) की शुक्रवार तड़के तीन बजे ऑक्सीजन न मिलने से मौत हो गई। वह बुधवार से हैलट इमरजेंसी में भर्ती थे। उनको सांस लेने में तकलीफ थी।
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शुक्रवार को कानपुर के मसवानपुर के गन शहीदा कब्रिस्तान में उनको सुपुर्द ए खाक किया गया। बेटे शाहनवाज आलम ने बताया कि गुरुवार रात नौ बजे ऑक्सीजन का सिलिंडर खत्म हो गया था। डॉक्टरों ने खुद सिलिंडर की व्यवस्था करने को कहा, हम सिलिंडर रिफिल कराने को भटक ही रहे थे।
तभी फोन पर उनकी मौत की खबर आई। आरोप लगाया कि हैलट में सही इलाज नहीं मिला। परिवार में पत्नी फरीदा नसरीन, बेटा सलीम जावेद, तनवीर और बेटियां राबिया, सलमा और गजाला हैं। इनका निवास मसवानपुर में हैं। यह 2016 में ओएफसी से सेवानिवृत्त हुए थे। इनकी मौत पर शहीद वीर अब्दुल हमीद सोशल वेलफेयर आर्गेनाइजेशन के अध्यक्ष डॉ. निसार अहमद सिद्दीकी ने शोक जताया।