पहाड़ से पत्थर तोड़ते समय अचानक मिट्टी और पत्थर गिरने से चार मजदूर दब गए। चीख पुकार सुन कुछ दूरी पर काम कर रहे मजदूरों ने दौड़कर चारों को बाहर निकाला, जिसमें एक की मौत हो गई, जबकि तीन घायल हो गए। जानकारी पर पुलिस मौके पर पहुुंची।
मृतक के परिजनों ने खदान मालिक पर लापरवाही का आरोप लगाकर हंगामा मचाया। पुलिस ने ग्रामीणों को समझाया, फिर शव व घायल को अस्पताल लाए। मृृतक के परिजनों ने थाने में तहरीर दी है। चौकी क्षेत्र के भौंरा-बजनी पहाड़ पर पट्टाधारक अनिल द्विवेदी के खनन स्थल पर शनिवार की सुबह आधा दर्जन मजदूर पत्थर तोड़ने का काम कर रहे थे।
दोपहर को दो मजदूर खाना खाने चले गए, पर रौली निवासी तुलसी वर्मा, शिवबरन, हीरालाल व दीपचंद्र काम कर रहे थे। अचानक पहाड़ के ऊपरी हिस्से से चट्टान का टुकड़ा व मिट्टी भरभराकर नीचे गिरने लगी। यह देख मजदूर भागने लगे, लेकिन सभी उसमें दब गए। उनके चिल्लाने की आवाज सुनकर आसपास काम कर रहे मजदूर बचाने को दौड़े। सभी को किसी तरह बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक तुलसी (48) पुत्र परदेशी की मौत हो चुकी थी।
शिवबरन (40) पुत्र कृपाली गंभीर रूप से घायल था। बाकी दो को मामूली चोट आईं थी। घटना की जानकारी होते ही चौकी प्र्रभारी तपेश मिश्रा टीम के साथ पहुंचे। पुलिस को देखते ही ग्रामीणों ने पट्टाधारक पर लापरवाही और श्रमिक सुविधाएं न देने का आरोप लगा हंगामा काटना शुरू कर दिया।
इस दौरान पुलिस टीम ने घायल को जिला अस्पताल ले जाने के लिए ग्रामीणों को समझाया और शव भी साथ ले आए। मुख्यालय पहुुंचे मृतक के परिजनों ने पट्टाधारक के खिलाफ लापरवाही की रिपोर्ट दर्ज कराने की तहरीर दी है। चौकी प्रभारी ने बताया कि तहरीर मिली है। जांच के बाद रिपोर्ट दर्ज की जाएगी। पट्टाधारक को भी मौके पर बुलाया गया है। उससे पूछताछ की गई है।