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ठंड से कई लोगों की हालत बिगड़ी, 9 की मौत और 70 से ज्यादा भर्ती, बरतें ये एहतियात

Wed, 19 Dec 2018 09:01 AM IST
शिखा पांडेय यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
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ठंड और प्रदूषण भरे माहौल में हृदय रोगियों की तबीयत अचानक बिगड़ रही है। कानपुर और कन्नौज को मिलाकर 9 लोगों की मौत ठंड की वजह से हो गई। अबतक 70 से ज्यादा लोगों को गंभीर हालत में भर्ती कराया गया है। मंगलवार दोपहर दो बजे तक सात मरीज कानपुर के कार्डियोलॉजी लाए गए, जिन्हें इमरजेंसी में जांच के बाद डाक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। डॉक्टरों का कहना था कि मरीजों की अस्पताल पहुंचने के पहले ही मौत हो गई। इसी तरह ब्रेन अटैक के 26 रोगियों को अस्पतालों में भर्ती किया गया। हैलट इमरजेंसी में 10 घंटे में ब्रेन अटैक के 10 मरीज भर्ती हुए।
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कार्डियोलॉजी की इमरजेंसी में सुबह छह बजे काकादेव के प्रह्लाद नाथ को ले जाया गया। बेड टी लेते वक्त उनके सीने में हल्का सा दर्द उठा और बेड पर ही लुढ़क गए। परिजन उन्हें कार्डियोलॉजी ले गए लेकिन उनकी मौत हो गई। इसी तरह सुशील त्रिपाठी सुबह स्वस्थ थे। अचानक तबीयत बिगड़ी और जब कार्डियोलॉजी ले जाया गया तो ईसीजी रिपोर्ट फ्लैट आई। इसी तरह बर्रा के राकेश कुमार बर्रा, गोविंदनगर की मोहिनी देवी, कल्याणपुर के कृपालु, पी रोड के राजेश और चमनगंज के अनीस की भी रास्ते में मौत हो गई। कार्डियोलॉजी लेकर पहुंचे परिजनों ने बताया कि रोगियों को पहले सीने में हल्का सा दर्द उठा, फिर तबीयत अचानक बिगड़ी गई। इसके साथ ही ब्लड प्रेशर अचानक बढ़ने से लोगों को ब्रेन अटैक पड़ रहा है। मंगलवार को शाम छह बजे तक अलग-अलग अस्पतालों में ब्रेन अटैक के 26 मरीज भरती कराए गए। कार्डियोलॉजी के निदेशक प्रो. विनय कृष्णा ने बताया कि जाड़े में नसें सिकुड़ती हैं। जो पहले से हृदय रोगी हैं, वे खासतौर पर इस सीजन में एहतियात बरतें। तबीयत खराब लग रही तो सीधे कार्डियोलॉजी पहुंचे। यहां सारी व्यवस्था करा दी गई है। मेडिसिन विभागाध्यक्ष डॉ. रिचा गिरि ने बताया कि ब्लड प्रेशर बढ़ने से खून का थक्का जम जाता है, जिससे ब्रेन अटैक पड़ रहा है।

एहतियात
- गर्मी-सर्दी से बचें जिससे एक्सपोजर न हो
- ब्लडप्रेशर की जांच कराकर दवा की डोज एडजस्ट कराएं
- ठंड से बचें, सुबह और रात को ठंड में बाहर न निकलें
- रोज ढाई से तीन लीटर पानी पिएं, जिससे खून गाढ़ा न हो
- तली-भुनी चीजों और गरिष्ठ भोजन से बचें 


 
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ओपीडी में 1180 और जिला अस्पताल में 668 मरीज

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ठंड का कहर और बढ़ गया है। मंगलवार कन्नौज में दो लोगों की जान चली गई और सर्दी जनित बीमारियों से परेशान 26 लोगों को मेडिकल कॉलेज व जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। दोनों अस्पतालों की ओपीडी में 1888 मरीज पहुंचे। इसमें बच्चे और बुजुर्गों की संख्या करीब तीन सौ रही।  

कन्नौज तुलसीपुर गांव निवासी सतीशचंद्र की पत्नी शशि देवी (45) की मंगलवार की दोपहर हालत बिगड़ गई। परिजन उन्हें सौ शैय्या अस्पताल ले गए, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। पति सतीशचंद्र ने बताया कि ठंड लगने से हालत बिगड़ गई थी। इसी तरह ग्राम बूंचपुर निवासी धरमपाल जोशी (65) को भी परिजन सौ शैय्या अस्पताल लाए, डॉक्टरों ने उन्हें मृत भी घोषित कर दिया। परिजनों ने बताया कि सुबह ठंड लगने से तबियत बिगड़ी थी।  
 
मेडिकल कॉलेज और जिला अस्पताल की ओपीडी में सर्दी जनित बीमारियों से पीड़ित मरीजों की संख्या बढ़ रही है। मंगलवार को मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में 1180 और जिला अस्पताल में 668 मरीज पहुंचे। मेडिकल कॉलेज में 15 और जिला अस्पताल में 11 मरीजों को भर्ती करना पड़ा।

मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में पहुंचे मरीजों मेें करीब 500 सर्दी जनित बीमारियों से परेशान थे। सीएमएस डा. दिलीप सिंह ने बताया कि शीतलहर के दौरान बुजुर्ग व बच्चों में सर्दी लगने की आशंका बनी रहती है। गर्म कपड़े पहनकर ही बाहर निकलें। 
 
कई इलाकों में नहीं जले अलाव 
कन्नौज शहर में कई स्थानों पर अभी भी अलाव नहीं जलवाए गए हैं। बस अड्डे और रेलवे स्टेशन के आसपास देर शाम तक अलाव जलता नहीं मिला। ग्रामीण क्षेत्रों में भी अलाव के इंतजाम अभी नहीं किए गए हैं। निकाय स्तर पर ठंड से निपटने के इंतजाम कहीं नहीं हुए हैं।  
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