सेंट्रल स्टेशन में निर्माणाधीन बाथरूम में आठ
महीने के मासूम लड़के का शव मिला है। उसके चेहरे और सिर के मांस को चूहों
ने खा लिया। शुक्रवार सुबह शव मिलने की सूचना पर सीओ जीआरपी आरके मिश्र
फोर्स के साथ पहुंचे और छानबीन की। फोरेंसिक टीम ने भी साक्ष्य जुटाए।
दोपहर में मासूम की मां थाने पहुंची और कहा कि एक महिला झांसा देकर बच्चे
को दिल्ली से कानपुर ले आई थी। प्लेटफार्म नंबर-8-9 पर निर्माणाधीन
बाथरूम का काम खत्म करने के बाद गुरुवार को कर्मचारियों ने उसके आसपास
रस्सी बांध दी थी। शुक्रवार सुबह एक यात्री बाथरूम गया तो वहां बच्चे का शव
देखकर शोर मचाया।
सीओ जीआरपी और थानाप्रभारी पहुंचे और छानबीन की लेकिन
बच्चे के बारे में कुछ नहीं चला। उधर, दोपहर करीब 3:30 बजे एक महिला रोते
हुए जीआरपी थाने पहुंची। खुद को दिल्ली के शाहदरा इलाके के सुशील की पत्नी
प्रीति बताया और कहा कि उसे पति ने मारपीट कर गुरुवार को घर से निकाल दिया
था।
वह बेटे हिमांशू उर्फ बंशू को लेकर दिल्ली रेलवे स्टेशन पहुंची थी।
वहां एक महिला मिली और शादी और रहने की व्यवस्था कराने की बात कहकर ट्रेन
से कानपुर ले आई। उसके साथ एक पुरुष भी था। सेंट्रल स्टेशन पर महिला ने
उसका बेटा अपनी गोद में लिया। फिर उसे कोल्ड ड्रिंक में नशीला पदार्थ
मिलाकर पिला दिया।
इसके बाद उसे होश नहीं रहा। पुलिस ने प्रीति के बैग की
तलाशी ली तो उसमें शुक्रवार का लखनऊ से कानपुर का ट्रेन का टिकट, बच्चे के
कपड़े, चांदी के हाथ के कड़े और बिस्कुट का पैकेट मिला है। उधर, सीओ जीआरपी
का कहना है कि बच्चे के सिर और चेहरे के मांस को चूहे चबा गए हैं।
प्रीति
की मानसिक स्थिति ठीक नहीं लग रही है। सुशील ने मोबाइल पर बताया कि दिल्ली
के अर्बन अस्पताल में गुरुवार को बेटे की मौत के बाद प्रीति उसे लेकर वहां
से निकल गई थी। बकौल सीओ शनिवार को बच्चे की पोस्टमार्टम रिपोर्ट और
परिजनों के आने पर सब कुछ साफ हो जाएगा।