इकदिल (इटावा)। थाना क्षेत्र के लुधियात गांव में रुपये के लेनदेन के विवाद में मंगलवार से लापता मजदूर की हत्या कर शव सड़क किनारे बबूल की झाड़ियों में फांसी पर लटका दिया गया। गुस्साए ग्रामीणों ने इटावा कानपुर हाईवे पर हंगामा कर पुलिस पर पथराव कर दिया। एक दरोगा और अखबार के प्रतिनिधि का सिर फूट गया। मौके पर पहुंचे सीओ ने लाठियां पटककर भीड़ को खदेड़ा। हंगामे के कारण करीब बीस मिनट हाईवे पर यातायात प्रभावित रहा। पिता ने चार लोगों के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई है।
लुधियात गांव निवासी प्रेमसिंह राजपूत का परिवार खेतीबाड़ी और मजदूरी पर निर्भर है। प्रेमसिंह के चार बेटों में सबसे छोटे मनोज राजपूत (25) का शव बुधवार सुबह गांव के एक प्राइमरी स्कूल के पास बबूल की झाड़ियों में फांसी पर लटका मिला। लोगों की सूचना पर पिता प्रेमसिंह व परिवार के लोग मौके पर पहुंचे और पुलिस को सूचना दी। इकदिल थानाध्यक्ष समीर कुमार सिंह ने शव को उतारकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। क्षेत्र के कुछ लोगों ने पुलिस की इस तत्परता पर एतराज जताते हुए इटावा-कानपुर हाईवे पर हंगामा शुरू कर दिया। लोगों का आरोप था कि पुलिस ने शव देखने भी नहीं दिया। सूचना सीओ फोर्स के साथ पहुंच गए। पुलिस ने लोगों को हाईवे से हटाने का प्रयास किया तो भीड़ ने पथराव शुरू कर दिया। इसमें थाने के दरोगा ओम प्रकाश और एक अखबार के प्रतिनिधि दीपक चोटिल हो गए। करीब 20 मिनट तक हाईवे पर हंगामा चलता रहा। पुलिस ने लाठियां फटकार भीड़ को खदेड़ा। प्रेमसिंह की तहरीर पर पुलिस ने लुधियात मोहल्ले के दिनेश के तीन पुत्रों सोनू, पंडा व राजेश कुमार और जैसीराम के पुत्र कमलेश कुमार के खिलाफ हत्या करने की रिपोर्ट दर्ज की है।
पिता ने कहा कि मंगलवार को चारों लोग घर पर आए और पुत्र मनोज को बुलाया था। बाहर निकल कर देखा तो चारों लोग मनोज को साथ ले जा रहे थे। आरोप लगाया कि इन्हीं लोगों ने हत्या कर शव को पेड़ से लटका दिया है। प्रेम सिंह ने बताया कि रुपये के लेनदेन को लेकर हत्या की गई गई। लेनदेन कब हुआ और कितने रुपयों का था इसकी जानकारी पिता नहीं दे पाए।
अपर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण रामयश सिंह ने बताया कि घरवालों का आरोप है कि किसी ने मनोज को मार के डाल दिया है। मृतक के पिता की तहरीर के आधार पर रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। शव का पोस्टमार्टम कराया गया है।