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इटावा: शौचालय के टैंक में मिला मासूम का शव, दुष्कर्म की आशंका

Tue, 29 Dec 2020 12:08 AM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इटावा
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सांकेतिक तस्वीर
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इटावा जिले में इकदिल थाना क्षेत्र के एक गांव में रविवार की रात छह साल की बच्ची का शव पड़ोसी के शौचालय के टैंक में मिला। दुष्कर्म की आशंका में मानकों की अनदेखी होने पर शव लेकर घर लौट रहे परिजनों को पुलिस ने रास्ते में रोककर दोबारा पोस्टमार्टम कराया।
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पुलिस का कहना है कि बच्ची से दुष्कर्म की आशंका थी। पहली बार पोस्टमार्टम में पुष्टि के लिए जरूरी जांचें नहीं होने के कारण दोबारा पोस्टमार्टम कराया गया है। पुलिस के मुताबिक एक गांव निवासी मजदूर की छह वर्षीय बेटी रविवार की रात करीब सात बजे घर के पास खेलते समय गायब हो गई थी।

परिजनों ने टार्च की रोशनी में खोजबीन की तो पड़ोसी के शौचालय के टैंक में बच्ची का शव दिखाई दिया। बच्ची के पिता के चीखने चिल्लाने पर ग्रामीणों ने शव टैंक से बाहर निकाला। सोमवार को दोपहर तकरीबन 1:30 बजे पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंपा गया।
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पोस्टमार्टम के बाद परिजन शव लेकर घर लौट रहे थे। तभी रास्ते में एक पुलिसकर्मी ने फोन करके पोस्टमार्टम की कुछ प्रक्रिया अधूरी रहने की बात कहकर उनको वापस बुला लिया। बच्ची के पिता के मुताबिक वे रास्ते से ही शव लेकर फिर पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे।
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वहां पुलिसकर्मियों ने उनसे शव लेकर दोबारा पोस्टमार्टम होने की बात कही। जिसका उन्होंने विरोध किया। पुलिस ने परिजनों को समझा बुझाकर शांत कराया और बिना उच्चाधिकारियों को जानकारी दिए ही बच्ची के शव का दोबारा पोस्टमार्टम करा दिया।

सीओ सिटी राजीव सिंह, इकदिल थाना प्रभारी व ट्रेनी डीएसपी सौरभ सिंह, सिविल लाइन थाना प्रभारी जितेंद्र सिंह फोर्स के साथ पहुंच गए।  सीओ सिटी राजीव सिंह ने बताया कि दुष्कर्म की आशंका पर बच्ची के शव का दोबारा पोस्टमार्टम कराया गया है। बच्ची का शव उसके पड़ोसी के शौचालय के टैंक में पड़ा मिला था।

बिना पैनल बनाए किया था पहला पोस्टमार्टम
पहली बार पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टर ने न तो पैनल बनाया न ही दुष्कर्म की आशंका के बावजूद स्लाइड तैयार की थी। पोस्टमार्टम हाउस में हैबरा पीएचसी के डॉ. कुलदीप कुमार व जिला अस्पताल की डॉ. स्मिता सिंह की ड्यूटी थी। डॉ. कुलदीप ने बताया कि बच्ची का पोस्टमार्टम दो बार हुआ है। दूसरी बार पैनल से पोस्टमार्टम किया गया।

टैंक पर होता ढक्कन तो शायद न जाती बच्ची की जान
मजदूर ने बताया कि घर के पास स्थित पड़ोसी अपने शौचालय के टैंक को कई बार साफ  करा चुके है। शौचालय टैंक के मालिक से इसको कई बार ढकने की मांग की, लेकिन उसनेे हर बार अनसुना कर दिया। अगर उसपर ढक्कन लगा होता तो शायद आज उसकी बेटी की जान न जाती।
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