प्लॉस्टिक का शेड माहौल को और गर्म बना रहा था
इसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची। फोरेंसिक टीम के अनुसार जिस जगह दोनों के शव मिले, वहां पर अत्यधिक गर्मी थी। आगे के हिस्से में प्लॉस्टिक का एक शेड लगा था, जो भीषण गर्मी में माहौल को और गर्म बना रहा था। यही नहीं, जिस घर के ग्राउंड व पहले फ्लोर पर दो-दो एसी लगे हुए थे।
फोरेंसिक टीम को कूलर में पानी नहीं मिला
उसी घर के दूसरे मंजिल पर रह रही दोनों बुजुर्ग बहनें 48 डिग्री तक जा रहे तापमान के दौरान गर्मी से बचने के लिए एक जर्जर कूलर पर निर्भर थीं। 70 पार उम्र वाली दो बहनों के लिए पानी भरना भी एक बड़ी चुनौती से कम नहीं रहा होगा। शायद यही वजह रही कि फोरेंसिक टीम को कूलर में पानी नहीं मिला।
गर्मी की वजह से स्ट्रोक पड़ने की आशंका
यही नहीं, टीम ने जब कूलर को चलाकर देखा तो उससे इतनी धीमी हवा आ रही थी कि राहत मिलना नामुमकिन था। ऐसे में फोरेंसिक अधिकारी गर्मी की वजह से स्ट्रोक पड़ने की आशंका जता रहे हैं। अधिकारियों का मानना है कि गिरते समय प्लेटफॉर्म से टकराने की वजह से एक महिला के सिर में चोट लगी है। फिलहाल जांच टीम पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने का इंतजार कर रहे हैं, जिससे मौत का कारण स्पष्ट हो सकेगा।
तीन दिन पहले अपनी बुआ से मिले थे भतीजे आलोक
पुलिस की पूछताछ में आलोक ने बताया कि एक मंजिल ऊपर रहने वाली दोनों बुजुर्ग बहनों से वह कभी-कभी उनके माले पर जाकर हालचाल ले लेते थे। वह आखिरी बार 29 मई को दोनों बहनों से मिलने गए थे। उनका कहना था कि तब सब ठीक लग रहा था। दो दिन से व्यस्तता के चलते वह उनसे मिलने नहीं जा सके थे।
आलोक पर ही दोनों बहनों की देखभाल का जिम्मा था
घर के पहले फ्लोर पर आलोक पत्नी अर्पिता, बेटी नैंसी व बेटे रोहत के साथ रहते हैं और बड़े भाई पुष्कर की पत्नी अपर्णा सिंह बेटे समर सिंह और हर्ष ग्राउंड फ्लोर पर रहते हैं। आलोक का कहना था कि पहले उनके पिता चन्द्रवीर सिंह दोनों का ख्याल रखते थे। चन्द्रवीर सिंह की 1 फरवरी 2024 को मौत हो गई, जिसके बाद आलोक पर ही दोनों बहनों की देखभाल का जिम्मा था।
प्रेमा के सिर में मिले चोट के निशान, रिसता मिला खून
फोरेंसिक टीम प्रभारी डॉ. प्रवीण श्रीवास्तव ने बताया कि लॉबी में मिले शव पर जाहिरा चोट के निशान नहीं थे। रसोई के पास मिले शव पर सिर में पीछे की तरफ चोट लगी थी, जिससे खून आ रहा था। टीम के मुताबिक घर में आने जाने का एक ही रास्ता है, जो अंदर से बंद था और उसे तोड़कर शवों को बरामद किया गया। इसके अलावा कोई ऐसा सबूत नहीं मिला है, जिससे यह साबित हो कि दोनों के साथ कोई आपराधिक घटना हुई है।
ये है पूरा मामला
कानपुर के पॉश इलाके पांडुनगर में एक पब्लिकेशन हाउस संचालक के दो मंजिला घर की दूसरी मंजिल पर रहने वाली दो सगी अविवाहित बहनों के शव पड़े मिले। इन बहनों की उम्र 70 वर्ष से अधिक थी। इनमें से एक बहन के सिर पर चोट के निशान मिले हैं। फोरेंसिंक टीम के अनुसार, दोनों की मौत सुबह चार बजे के आसपास हुई है।
मकान के ग्राउंड फ्लोर पर बड़े भाई पुष्कर सिंह चंदेल का परिवार रहता है
परिजनों की सूचना पर पहुंची पुलिस व फोरेंसिक टीम ने जांच कर शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। कानपुर पब्लिकेशन होम नाम से पब्लिकेशन हाउस चलाने वाले आलोक सिंह का पांडुनगर इलाके में दो मंजिल का मकान है। उनका पब्लिकेशन हाउस यूनिवर्सिटी नाम से गेस पेपर प्रकाशित करता है। मकान के ग्राउंड फ्लोर पर उनके बड़े भाई पुष्कर सिंह चंदेल का परिवार रहता है।
अपना खाना पीना खुद बनाती थीं बहनें
पुष्कर का तीन साल पहले निधन हो चुका है। वहीं, पहली मंजिल पर आलोक परिवार के साथ रहते हैं। दूसरी मंजिल पर उनकी दो बुआ प्रेमा सिंह चंदेल (73) व सुमन सिंह चंदेल (71) रह रही थीं। दोनों बहनों की शादी नहीं हुई थी और दोनों ही अपना खाना पीना खुद बनाती थीं। मोहल्ले में रहने वाला एक सब्जी विक्रेता शुक्रवार दोपहर करीब 12 बजे सब्जी देने पहुंचा।
डीसीपी सेंट्रल ने भी जानकारी जुटाई
खटखटाने पर दरवाजा नहीं खुला, तो उसने आलोक को सूचना दी। आलोक परिवार के अन्य सदस्यों के साथ ऊपर पहुंचे और दरवाजे को तोड़ा तो सुमन का शव लॉबी में पड़ा मिला। वहीं, प्रेमा का शव रसोई में मिला। पुलिस ने फोरेंसिक टीम को मौके पर बुलाया। पॉश इलाके के हाईप्रोफाइल परिवार के घर में दो शव मिलने पर डीसीपी सेंट्रल आरएस गौतम भी पहुंचे और परिजनों व आसपास के लोगों से जानकारी जुटाई।