केंद्र सरकार ने वर्ष-2000 में थाई मांगुर मछली के पालन, विपणन, संवर्धन पर प्रतिबंध लगाया था। इसके बावजूद ये छोटे-छोटे तालाबों में कमाई के लिए पाली जाने लगीं।
कोलकाता से दिल्ली जा रहे तीन ट्रकों को डीसीपी ट्रैफिक बीबीजीटीएस मूर्ति ने रामादेवी फ्लाईओवर पर पकड़ा। इनमें काफी मात्रा में प्रतिबंधित थाई मांगुर प्रजाति की मछलियां थीं। डीसीपी ट्रैफिक ने बताया कि सूचना के आधार पर घेरेबंदी कर ट्रकों को पकड़कर चकेरी पुलिस के हवाले किया है।
विज्ञापन
इस दौरान एक ट्रक चालक भाग निकला, जबकि दो को हिरासत में लिया गया है। मत्स्य विभाग की टीम को जांच के लिए बुलाया। चकेरी इंस्पेक्टर अमित तोमर ने बताया दोनों से पूछताछ कर उनके खिलाफ मामला दर्ज किया जाएगा। साथ ही कार्रवाई भी की जाएगी।
इसलिए है प्रतिबंधित
केंद्र सरकार ने वर्ष-2000 में थाई मांगुर मछली के पालन, विपणन, संवर्धन पर प्रतिबंध लगाया था। इसके बावजूद ये छोटे-छोटे तालाबों में कमाई के लिए पाली जाने लगीं। थाई मांगुर का वैज्ञानिक नाम क्लेरियस गेरीपाइंस है। यह मांसाहारी होती हैं। इंसानों का मांस खाकर भी बढ़ जाती हैं।
विज्ञापन
कम ऑक्सीजन वाले गंदे पानी में भी जीवित रह सकती है। इनका सेवन सेहत के लिए बेहद खतरनाक है। थाई मांगुर पर्यावरण को सुरक्षित रखने वाली मछलियों को खा जाती हैं। इसलिए एनजीटी ने भी इन पर बैन लगा रखा है। इन्हें जमीन में गाड़कर नष्ट कर दिया जाता है। बांग्लादेश में इनका पालन धड़ल्ले से होता है।