महोबा के ग्राम बरभौली में आग की घटना में नगदी जेवरात व खाद्यान्न जलकर राख होने से पीड़ित परिवार को पुत्री के हाथ पीले करने की चिंता सता रही है। भूरी ने बताया कि उसने अपनी पुत्री शैल्या का रिश्ता हमीरपुर में तय कर दिया था। शादी की तारीख निकलनी थी। चार दिन पहले उसका पति गंगादीन मेहनत मजदूरी करके 40 हजार रुपये कमा कर लाया था, जो घर पर रखे थे। इसके अलावा शादी के लिए खाद्यान्न व अन्य सामान भी रखा था जो आग की भेंट चढ़ गया। घटना के बाद से भूरी अपनी सुधबुध सी खो बैठी है।
ग्राम बरभौली निवासी भूरी पत्नी गंगादीन घर पर अकेली थी। पति मजदूरी के लिए बाहर गया था और पुत्री शैल्या मामा के यहां गई थी। बुधवार की रात मकान में अचानक आग लग गई। भूरी की आंख खुली तो किसी तरह उसने बाहर भागकर जान बचाई। शोर शराबा सुन ग्रामीण एकत्र हो गए। आसपास स्थित जल स्रोतों से पानी लाकर दो घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका।
महिला भूरी ने बताया कि आग की घटना में 40 हजार की नगदी, सोने चांदी के आभूषण, खाद्यान्न, गृहस्थी व कच्चा मकान जलकर खाक हो गया। आग की घटना में सब कुछ राख हो जाने से पीड़ित परिवार परेशान है। घटना की सूचना पुलिस व राजस्व विभाग के अधिकारियों को दी गई है। पीड़िता ने आग की घटना में हुई क्षति का आंकलन कराकर सरकारी सहायता दिलाए जाने की मांग की है।