एमबीबीएस की छात्रा मान्या ने की खुदकुशी
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हैलो मां... मैं इमारत से कूदकर खुदकुशी करने जा रही हूं... एमबीबीएस की छात्रा मान्या के आखिरी अल्फाज यही थे। झांसी में मेडिकल कॉलेज की इमारत से कूदकर खुदकुशी करने से ठीक पहले मान्या ने अपनी मां को फोन किया। मां कुछ बोल पातीं, इससे पहले मान्या ने फोन काट दिया। यह सुनकर मां की रूह कांप उठी। घबराकर उन्होंने वार्डन को फोन कर जानकारी दी।
वार्डन तुरंत साथियों के साथ इमारत के पास पहुंचीं। मान्या छत पर खड़ी नजर आई। सभी ने शोर मचाकर उसे रोकने की कोशिश की, मिन्नतें कीं, इसी दौरान उसने सुपर स्पेशियलिटी भवन की पांचवीं मंजिल से छलांग लगा दी।
आईआईटी कानपुर के एयरोस्पेस डिपार्टमेंट में प्रोफेसर आशीष तिवारी की बेटी मान्या महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस प्रथम वर्ष (2018 बैच) की छात्रा थी। मंगलवार सुबह 10 बजे मान्या का पेपर था। उसके साथ की छात्राएं पढ़ाई में लगी थीं, लेकिन मान्या का मन कहीं और भटक रहा था।
साथी छात्राओं ने टोका भी था, लेकिन उसने अनसुना कर दिया। बताया गया कि दो दिन पहले उसका पहला पेपर काफी खराब हुआ था। तब से वह तनाव में थी। रविवार और सोमवार रात जागने के बाद मान्या ने मंगलवार सुबह करीब 5:30 बजे मां को फोन किया था।
उसका फोन कटने के बाद घबराई मां ने 5:43 बजे हॉस्टल वार्डन डॉ. संजया शर्मा को फोन किया। यह सुनते ही वार्डन भी साथियों को खबर देकर मान्या की तलाश में निकल पड़ीं। उन्हें पता चला कि वह एटीएम से रुपये निकालने की बात कहकर हॉस्टल से निकली है।
सभी तुरंत सुपर स्पेशियलिटी इमारत की तरफ भागे। देखा कि वह सुपर स्पेशियलिटी की पांचवीं मंजिल पर खड़ी है। सब चिल्लाते-मिन्नतें करते रहे, लेकिन वह नहीं मानी और कूद गई। सूचना पर पहुंची नवाबाद और विश्वविद्यालय पुलिस ने भी घटना की जानकारी ली। साथी चिकित्सक घटना की सूचना परिजनों को दे चुके थे। खबर मिलते ही घर में कोहराम मच गया।
आईआईटी में भी हुआ था चयन
मेडिकल कॉलेज के सीनियर चिकित्सकों के अनुसार मान्या पढ़ाई में होनहार थी। बिना कोचिंग ही उसका एमबीबीएस में चयन हुआ था। उसने आईआईटी प्री की भी परीक्षा पास कर ली थी, लेकिन उसका लक्ष्य डॉक्टर बनना था।
इसीलिए उसने झांसी मेडिकल कॉलेज में प्रवेश ले लिया। सभी परिजनों के झांसी चले जाने से कानपुर आईआईटी परिसर स्थित उसके घर पर ताला बंद है।