बेटी का इलाज कराने बांदा से हैलट आए निशक्त राजेंद्र के सामने बड़े नोटों ने संकट खड़ा कर दिया। बेटी कल्पना (08) ऑपरेशन थियेटर में पहुंच गई लेकिन पांच-पांच सौ के नोट होने के कारण दवाएं और अन्य जरूरी सामान खरीदने में मुश्किल खड़ी हो गई।
डॉक्टरों ने ऑपरेशन तो शुरू कर दिया लेकिन राजेंद्र को फुटकर पैसे लाने को कहा। इसके बाद राजेंद्र मेडिकल कालेज कैंपस स्थित स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई) में लाइन में लग गए। यहां हैलट चौकी के सिपाही अखिलेश ने बैंक मैनेजर से बात कर उनके रुपये एक्सचेंज कराए।