फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कानपुर में हाईग्रेड फीवर का खतरा: फेफड़ों में भरा पानी...तीन की मौत, बुखार के 90, और डेंगू के 20 रोगी मिले

Mon, 18 Sep 2023 10:06 AM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

Kanpur Health Update: डेंगू से संक्रमित मच्छरों की संख्या रामादेवी और कल्याणपुर सेक्टर में सबसे अधिक है। ग्रामीण क्षेत्र में सरसौल क्षेत्र के मच्छर सबसे अधिक संक्रमित हैं। यहां एडीज प्रजाति के एजिप्टाई मच्छरों को डेंगू ने ग्रसित कर रखा है। यही मच्छर अब मानवों में भी डेंगू फैला रहे हैं।
 
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

लिवर और गुर्दों को प्रभावित करने वाला हाईग्रेड फीवर रोगियों के फेफड़ों पर भी असर डाल रहा है। बुखार के रोगियों की एक्सरे जांच में फेफड़ों में पानी भरने की (प्ल्युरिसस) की रिपोर्ट आ रही है। इसके बाद रोगियों को निमोनिया और सेप्टीसीमिया हो रहा है। हाईग्रेड फीवर के ऐसे तीन तीन रोगियों की सेप्टीसीमिया और फेफड़ों के संक्रमण से मौत हो गई।

विज्ञापन

रविवार को हाईग्रेड फीवर के 90, डेंगू के 20, मलेरिया का एक और चिकुनगुनिया का एक संक्रमित मिला है। यूनीफाइड डिजीज सर्विलांस (यूडीएसपी) पोर्टल पर सात डेंगू संक्रमितों की सूची जारी की गई। उर्सला की लैब ने 13 डेंगू संक्रमितों की रिपोर्ट दी। पांच संक्रमित सरसौल क्षेत्र के हरचंदखेड़ा में मिले हैं। डेंगू संक्रमण नए इलाकों में भी फैल रहा है।
इसके साथ ही चिकुनगुनिया और मलेरिया के रोगी भी मिल रहे है, जो रोगी कोमॉर्बिड हैं। उनके लिए वायरल संक्रमण खतरनाक साबित हो रहा है। हाईग्रेड फीवर के बाद उनका पुराना रोग अनियंत्रित हो जाता है। उर्सला के आईसीयू में भर्ती ऐसे दो रोगियों की मौत हो गई। रोगियों के फेफड़ों में संक्रमण पहुंच गया था। साथ ही सेप्टीसीमिया हो गया। उर्सला के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. शैलेंद्र तिवारी ने बताया कि रोगियों को गंभीर हालत में भर्ती किया गया था।

विज्ञापन

पांच रोगी हैलट इमरजेंसी में भर्ती किए गए
इसी तरह आजादनगर के उमेशचंद्र (55) की हाईग्रेड फीवर के बाद मौत हो गई। परिजनों ने बताया कि रोगी को पांच दिन पहले तेज बुखार आया। इसके बाद फेफड़ों में पानी आ गया। निजी अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। हाईग्रेड फीवर के बाद लिवर और गुर्दे खराब होने के पांच रोगी हैलट इमरजेंसी में भर्ती किए गए। बालरोग अस्पताल में बुखार, डायरिया के साथ पीलिया और टायफायड के रोगी भी आ रहे हैं।

रामादेवी और कल्याणपुर में डेंगू संक्रमित मच्छरों की भरमार
डेंगू से संक्रमित मच्छरों की संख्या रामादेवी और कल्याणपुर सेक्टर में सबसे अधिक है। ग्रामीण क्षेत्र में सरसौल क्षेत्र के मच्छर सबसे अधिक संक्रमित हैं। यहां एडीज प्रजाति के एजिप्टाई मच्छरों को डेंगू ने ग्रसित कर रखा है। यही मच्छर अब मानवों में भी डेंगू फैला रहे हैं। मच्छरों के घनत्व और डेंगू संक्रमण को लेकर किए जा रहे जिला मलेरिया विभाग के सर्वेक्षण में यह आकलन किया गया है।

सबसे अधिक संक्रमण सरसौल के मच्छरों में मिला
विशेषज्ञों का कहना है कि अगर मच्छर डेंगू से संक्रमित नहीं है, तो उसके काटते रहने से कुछ नहीं होगा। नगर के ग्रामीण क्षेत्र में सबसे अधिक संक्रमण सरसौल के मच्छरों में मिला है। इन्हीं मच्छरों के जरिये मानव शरीर में डेंगू वायरस पहुंच रहा है। मानवों के आंकड़ों के हिसाब से मच्छरों के संक्रमण का अंदाजा लगाया जा रहा है। सरसौल क्षेत्र में अब तक हरचंदखेड़ा और भेवली में डेंगू का संक्रमण फैला है।

रामादेवी सेक्टर के मोहल्लों में 26 संक्रमित मिले
यहां पर 21-21 डेंगू रोगी मिले हैं। नसड़ा में अब तक संक्रमितों की संख्या 19 है। यहां वायरस के फैलाव का कारण गंदगी और जलभराव माना जा रहा है। इसी कारण यहां मच्छरों का घनत्व भी अधिक है। शहरी क्षेत्र में रामादेवी सेक्टर के मोहल्लों में 26 संक्रमित मिले हैं। कल्याणपुर में संक्रमितों की संख्या 22 है।
विज्ञापन

सफाई रखने, जलभराव न होने देने की अपील
यहां के एडीज मच्छरों में डेंगू का संक्रमण फैला हुआ है। इसके बाद केपीएम सेक्टर में आने वाले सिविल लाइंस, सरसैया घाट, दूध वाला बंगला, गुप्तारघाट, पुलिस लाइंस, रिजर्व बैंक के पीछे वाले इलाकों में डेंगू फैला हुआ है। जिला मलेरिया अधिकारी एके सिंह ने बताया कि इसीलिए सफाई रखने, जलभराव न होने देने की अपील की जा रही है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें