ठंड बढ़ने के साथ ही ब्रेन स्ट्रोक और हार्ट अटैक के मरीजों की संख्या भी बढ़ती जा रही है। बृहस्पतिवार को कानपुर हैलट में ऐसे 34 मरीजों को भर्ती कराया गया। हैलट मेडिसिन विभाग के सभी वार्ड फुल हो गए हैं। कई बेड में दो-दो मरीजों को लिटाकर इलाज किया जा रहा है।
दवाओं की खुराक सेट कराने की सलाह दी
डेमो पिक
डॉक्टरों ने ठंड से बचाव के साथ ही डायबिटीज, ब्लड प्रेशर और हृदय रोगियों को नए सिरे से दवाओं की खुराक सेट कराने की सलाह दी है। मेडिकल कॉलेज से संबद्ध हैलट के मेडिसिन विभाग के वार्ड नंबर 7, 11, 12, 13, 14, 15, 16, आईसीयू और एचडीयू में 196 बेड हैं।
गुरुवार को इन बेडों में 225 से ज्यादा मरीज भर्ती रहे। वार्ड नंबर-12 में एक-एक बेड पर दो-दो मरीज भर्ती थे। इसी वार्ड में भर्ती पांच मरीजों ने उसी बेड पर दूसरेे मरीज लिटाने का विरोध किया तो जूनियर डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ ने उन्हें समझाकर शांत कराया। इधर, आईसीयू और एचडीयू भी वेटिंग में चल रहे हैं।
ब्लड प्रेशर भी ज्यादा बढ़ने से हार्ट अटैक हो सकता है
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मेडिसिन विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. प्रेम सिंह ने बताया कि ठंड बढ़ने की वजह से गुरुवार को हार्ट अटैक के चार, ब्रेन स्ट्रोक के 10 और सांस के 20 मरीजों को भर्ती किया गया। इनमें से पांच की हालत गंभीर है। कार्डियोलॉजी में बेड फुल होने के कारण हार्ट अटैक के मरीज भी यहां आ रहे हैं। उन्होंने बताया कि ठंड में ह्रदय रोगियों की तकलीफ बढ़ जाती है। साथ ही इस मौसम में ब्लड प्रेशर भी ज्यादा बढ़ने से हार्ट अटैक हो सकता है।