आईआईटी कानपुर इस कदर हुआ "डर्टी पॉलिटिक्स का शिकार", जानिए क्या है पूरा मामला
Thu, 22 Nov 2018 12:50 PM IST
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
सार
- आईआईटी के एल्युमनाई हुए चिंतित, ई-मेल कर की शांति अपील
- प्रोफेसरों से मनमुटाव खत्म कर एक होने की छात्र-पूर्व छात्रों ने की अपील
- बोले, संस्थान पर न लगने दें राजनीति का दाग
आईआईटी कानपुर में कई दिनों से चल रही अंतर्कलह से पूर्व छात्र भी सांसत में हैं। अस्टिेंट प्रोफेसर डॉ. सुब्रमण्यम सडरेला के उत्पीड़न मामले में साथी चार सीनियर प्रोफेसरों पर हुई एफआईआर की खबर जैसे ही संस्थान के पूर्व छात्रों को लगी सभी सकते में आ गए। यह मामला इस कदर गर्माया हुआ है कि संस्थान में धरना प्रदर्शन तक शुरू हो गया है।
विज्ञापन
2 of 5
आईआईटी कानपुर
दुनिया के कई हिस्सों से सैकड़ों की संख्या में पूर्व छात्रों ने आईआईटी निदेशक और डींस को ई-मेल करके कैंपस में शांति बनाए रखने की अपील की है। पूर्व छात्रों ने विवाद से जुड़े सभी प्रोफेसरों को बैठकर सारे मनमुटाव दूर करने की सलाह भी दी है।
विज्ञापन
3 of 5
आईआईटी कानपुर
ई-मेल में पूर्व छात्रों ने संस्थान के गौरवशाली इतिहास का भी जिक्र किया। इस पर डींस और निदेशक की तरफ से उन्हें रिप्लाई भी किया जा रहा है और बताया जा रहा है कि संस्थान प्रशासन कैंपस में शांति बनाए रखने की हरसंभव कोशिश कर रहा है।
4 of 5
आईआईटी कानपुर
कामकाज छोड़ने से एडमिशन प्रक्रिया पड़ी धीमी
प्रोफेसरों के प्रशासनिक कामकाज छोड़ने से पहले दिन पीएचडी, एमटेक एडमिशन की प्रक्रिया थोड़ी धीमी हुई है। 15 नवंबर तक इसके लिए आवेदन मांगे गए थे, और अब छात्रों को लिखित परीक्षा और साक्षात्कार के लिए बुलाना है। प्रोफेसरों ने यह तय किया है कि जो काम इंस्टीट्यूट प्रशासन की तरफ से उन्हें सौंपा जाएगा, उसे वह नहीं करेंगे।
इस मामले में आईआईटी कानपुर के निदेशक प्रो. अभय करंदीकर का कहना है कि जो भी जरूरी कदम हैं, उठाए जा रहे हैं। जल्द ही कैंपस में शांति कायम हो जाएगी। हम लोग संस्थान में बेहतर शिक्षा, शोध और इनोवेशन करने का प्रयास कर रहे हैं और सभी प्रोफेसर संस्थान को ऊंचाइयों तक ले जाने के लिए प्रयास करेंगे।