गणेश शंकर विद्यार्थी मेमोरियल (जीएसवीएम) मेडिकल कॉलेज के डी-फार्मा प्रथम वर्ष के छात्र प्रशांत शुक्ला (21) ने बुधवार को फंदे से लटककर आत्महत्या कर ली। उसका शव फाॅर्मेसी हॉस्टल के कमरा नंबर 14 में मिला। घटना के वक्त साथ रहने वाले अन्य छात्र कॉलेज गए थे। वॉर्डन की सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा। पुलिस, परिजन और सहपाठी आत्महत्या के कारणों के बारे में कुछ भी नहीं बता पा रहे हैं।
औरैया के बिधूना नवीन बस्ती निवासी प्रशांत ने तृतीय काउंसिलिंग के माध्यम से सितंबर में डी-फार्मा प्रथम वर्ष में दाखिला लिया था। वह हाॅस्टल के कमरे में बलिया निवासी आदित्य कुमार, सुल्तानपुर निवासी अहसान अहमद, औरैया निवासी अभिषेक सिंह और शाहजहांपुर निवासी मोनू सिंह के साथ रहता था।
डी-फॉर्मा छात्र की आत्महत्या का मामला
- फोटो : अमर उजाला
31 जनवरी को सेमेस्टर परीक्षा खत्म होने के बाद वह एक फरवरी को अपने पैतृक गांव चला गया था। अभिषेक और मोनू ने बताया कि प्रशांत 16 जनवरी को गांव से वापस लौटा था। तब से काफी गुमसुम रहता था। पूछने पर कभी कोई वजह नहीं बताई। बुधवार सुबह उसने क्लास के लिए जाने से मना कर दिया। शाम चार बजे जब वह लोग लौटे तो कमरे का दरवाजा भीतर से बंद मिला। काफी देर तक दरवाजा खटखटाने और कॉल करने के बाद भीतर से कोई आहट नहीं आई तो वाॅर्डन डॉ. अजय कुमार शर्मा को सूचना दी। बगल के कमरे से मेज मंगाकर रोशनदान से अंदर झांका तो प्रशांत का शव पंखे के कुंडे में चद्दर के सहारे लटकता मिला। इसके बाद अजय शर्मा ने पुलिस को सूचना दी। इंस्पेक्टर स्वरूपनगर सूर्यबली पांडेय ने बताया कि परिजनों को सूचना दे दी गई है। परिजन, सहपाठी आत्महत्या की वजह नहीं बता सके हैं। छात्र के मोबाइल को कब्जे में लेकर मामले की जांच की जा रही है।
डी-फॉर्मा छात्र की आत्महत्या का मामला
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बुआ की शादी से लौटा था
सहपाठियों के मुताबिक प्रशांत काफी अंतर्मुखी था। मंगलवार शाम को काफी कहने पर उसने थोड़ी देर वॉलीबॉल खेला। बताया कि 14 फरवरी को उसकी बुआ नीति की शादी थी। इसमें वह भी शामिल हुआ था। वहां से वापस आने के बाद से काफी उदास था। उसके पिता राम शंकर शुक्ला का दो साल पहले निधन हो चुका है। बैंक कर्मी मामा अखिल कुमार ही उसके सबसे करीबी थे और अक्सर हॉस्टल मिलने आते थे। अखिल ने बताया कि पांच मार्च को शुक्लागंज में उनकी सगाई होनी है। उसकी खरीददारी को लेकर मंगलवार शाम को ही प्रशांत से करीब आधे घंटे बात हुई थी। वह इसकी खरीदारी को लेकर उत्साहित था। उस दौरान एक बार भी नहीं लगा कि वह ऐसा कदम उठा लेगा।