कानपुर। जेल के अंदर से वाट्सएप कॉल करके बांसमंडी की महिला से पांच लाख रुपये की रंगदारी मांगने के आरोपी डी-टू गैंग के शूटर एजाजुद्दीन उर्फ सबलू बदमाश को अनवरगंज पुलिस रविवार सुबह डिप्टी पड़ाव से गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद डीसीपी सेंट्रल ऑफिस उसे मीडियाकर्मियों के सामने लाया गया तो वह अधिकारियों के सामने गिड़गिड़ाते हुए बोला- माफ कर दो, गलती हो गई... अब क्राइम नहीं करुंगा... मेेरे छोटे-छोटे बच्चे हैं। पुलिस ने उसे कोर्ट के आदेश पर जेल भेज दिया।
बांसमंडी की रहने वाली रहनुमा बानो ने हिस्ट्रीशीटर एजाजुद्दीन उर्फ सबलू, शानू लफ्फाज, इरफान चूड़ी, गुफरान उर्फ पोपे, सबलू का भाई गुड्डू उर्फ मुड्ढी के खिलाफ जबरन वसूली, आपराधिक षडयंत्र रचने की धारा में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। महिला का आरोप था कि हिस्ट्रीशीटर सबलू बदमाश ने उनके पति मोहम्मद नावेद से रुपये ऐंठने की नीयत से रंगदारी की एफआईआर लिखवा दी थी। पति के जेल जाने के कुछ दिन बाद शाहिद पिच्चा के गुर्गों से हुए गोलीकांड में सबलू को पुलिस ने जेल भेज दिया था।
आरोप था कि जेल में मुलाकात के दौरान सबलू ने पति नावेद से जमानत करवानी के नाम पर पांच लाख रुपये की रंगदारी मांगी थी। रंगदारी न देने के बाद भी जमानत होने पर बाहर आकर हत्या करने की धमकी दी थी। पति ने डर के मारे एक लाख पहले और बाकी चार लाख रुपये जेल के बाहर आने की हामी भर दी। महिला के अनुसार कुछ दिन बाद जेल से व्हाट्सएप कॉल के माध्यम से सबलू ने रकम के लिए संपर्क किया। उन्होंने देवर सकलैन को पूरी बात बताई। इसके बाद सबलू के गुर्गों ने एक लाख रुपये वसूल लिए।
डीसीपी सेंट्रल श्रवण कुमार सिंह व एसीपी क्राइम सुमित सुधाकर रामटेके ने बताया कि सबलू पर करीब 15 से ज्यादा रंगदारी, हत्या के प्रयास, एनडीपीएस, लूट के मुकदमे दर्ज हैं। रंगदारी के मामले में इरफान चूड़ी को कुछ दिन पहले जेल भेज दिया गया था। फरार चल रहे हिस्ट्रीशीटर सबलू के तीन साथियों की तलाश की जा रही है।