हालांकि, इसके बाद उनसे फर्जी एप डाउनलोड करवाकर इंस्टीट्यूशनल अकाउंट में निवेश कराना शुरू किया और कई बार में करीब 31 लाख रुपये के शेयर खरीदवाए। उन्हें एप में मुनाफ घटता बढ़ता दिखता रहा और शुरुआत में कुछ रकम निकाली भी। इसलिए वह निश्चिंत रहे। पीयूष ने बताया कि उन्होंने जब बड़ी रकम निकालने का प्रयास किया तो नहीं निकली। तब उन्हें साइबर ठगी का एहसास हुआ।
मामलों में केस दर्ज कर जांच शुरू
वहीं, जेके ग्रुप में मैनेजर के पद पर कार्यरत पंकज मिश्रा से भी साइबर ठगों ने जीएसआईएन एप इंस्टॉल कराकर कई बार में करीब 51 लाख रुपये की साइबर ठगी कर दी। उन्हें भी ठगों ने व्हाट्सएप के जरिये संपर्क कर झांसा दिया। मोटे मुनाफे के लालच में आकर पंकज ने पत्नी व बच्चों के बैंक खातों से भी रकम लगा दी। साइबर क्राइम थाना प्रभारी हरमीत सिंह ने बताया कि दोनों ही मामलों में केस दर्ज कर जांच की जा रही है।
निवेश से पहले इन बातों का रखें ध्यान
- किसी भी अनजान व्यक्ति के बताने या बहकाने पर कोई एप अपने फोन पर डाउनलोड न करें।
- अज्ञात नंबर से भेजे गए किसी लिंक को क्लिक न करें।
- शेयर ट्रेडिंग में कोई भी यकीन से मुनाफा कमाने की गारंटी ले तो तत्काल सतर्क हो जाएं।
- शेयर मार्केट में निवेश करने से पहले निवेश कराने वाली कंपनी के बारे में जरूर पता करें।
- किसी भी अनजान व्यक्ति को अपनी निजी जानकारी या ओटीपी शेयर न करें।