उत्तर प्रदेश के कानपुर की सबसे बड़ी साइबर ठगी सामने आई है। साइबर ठगों ने शहर के तलाक महल निवासी स्क्रैप कारोबारी एजाज हुसैन को फेसबुक पर विदेशी महिला की आईडी से अपने जाल में फंसाकर 69.24 लाख रुपये ठग लिए। इसके लिए पहले मीठी-मीठी बातें और फिर गिफ्ट देने का झांसा दिया गया। कुछ दिन बाद एयरपोर्ट अथॉरिटी का अफसर बन एक ठग ने फोन किया।
फिर मनी लॉड्रिंग तथा आतंकी गतिविधियों में फंसाने की धमकी दे कई बार में लाखों रुपये ठग लिए गए। आईजी के आदेश पर शुक्रवार को चमनगंज थाने में एफआईआर दर्ज हुई। आईजी ने एसपी क्राइम को मामले की जांच सौंपी है। स्क्रैप कारोबारी ने बताया कि मार्च में उनके पास फेसबुक पर लीजा डेविड नाम की एक महिला की फ्रेंड रिक्वेस्ट आई।
उन्होंने उसे एक्सेप्ट कर लिया। इसके बाद उसने बातचीत करनी शुरू की। महिला ने बताया कि वह अमेरिका में रहती है। कुछ दिनों तक बातचीत होने के बाद 17 अप्रैल को कारोबारी के पास एक युवक का फोन आया। उसने बताया कि वह एयरपोर्ट अथॉरिटी से बोल रहा है। उसने अमेरिका से एक गिफ्ट आने की जानकारी दी। साथ ही डिलीवरी के लिए 35 हजार रुपये खाते में जमा करने को कहा।
झांसे में आकर कारोबारी ने युवक के बताए खाते में रकम जमा करा दी। कुछ दिन बाद दोबारा कॉल आई तो उसने गिफ्ट पैक में 70 हजार यूएस डॉलर होने की बात कही। साथ ही धमकी दी कि अब मनी लॉड्रिंग और आतंकी गतिविधियों का केस चलेगा। ये सुनकर कारोबारी सहम गया। इसके बाद ठग लगातार ब्लैकमेल कर रुपये ऐंठता रहा। कारोबारी ने 40 बार में कुल 69.24 लाख रुपये जमा कराए। शुक्रवार को कारोबारी ने आईजी मोहित अग्रवाल से शिकायत की। आईजी के आदेश पर चमनगंज थाने में एफआईआर दर्ज की गई है।
साइबर क्राइम
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दर्जनों खातों में ली रकम, व्हाट्सएप पर आती थी कॉल
आईजी ने बताया कि कारोबारी ने बैंक से सभी दस्तावेज निकलवाए हैं। इनसे पता चला कि दर्जनों खातों में रकम ट्रांसफर करवाई गई है। ये खाते दिल्ली, रुद्रपुर, मेरठ, गाजियाबाद समेत कई शहरों के हैं। साइबर सेल की टीम ने अब इन खातों की जानकारी बैंकों से मांगी है। कारोबारी ने पुलिस को बताया कि एयरपोर्ट अथॉरिटी का अफसर बन धमकी देने वाला सिर्फ व्हाट्सएप पर ही बात करता था। ताकि कॉल ट्रेस न हो सके।
किराए के होते हैं खाते, ठगों तक पहुंचना आसान नहीं
साइबर एक्सपर्ट राहुल मिश्रा ने बताया कि इस तरह की ठगी में साइबर ठग किराए के खाते इस्तेमाल करते हैं। इसमें वह गरीब, असहाय लोगों को दो-चार हजार रुपये का लालच देकर उनके बैक खाते की डिटेल और एटीएम कार्ड ले लेते हैं। इसके बाद खाते में ठगी की रकम ट्रांसफर करवा पैसे ले निकल जाते हैं। ऐसे में जब पुलिस ट्रेस करती है तो केवल खाता धारकों तक ही पहुंच पाती है और ठग पकड़ में नहीं आ पाते।
ठगी से बचने को बरतें ये सावधानियां
- सोशल मीडिया पर किसी अंजान शख्स से दोस्ती न करें।
- किसी भी गिफ्ट, ऑफर और छूट के लालच में न आएं।
- मैसेज या व्हाट्सएप पर आने वाले किसी लिंक पर क्लिक न करें।
- सोशल मीडिया पर महिलाओं के नाम से बनी आईडी से दूर रहें।
- फेसबुक समेत अन्य सोशल प्लेटफार्म के पासवर्ड नियमित समय पर बदलते रहें।
- ठगी होने पर तत्काल पुलिस, साइबर सेल से संपर्क करें या ऑनलाइन एफआईआर दर्ज कराएं