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ये कैसा अंधविश्वास! जब तक लोग समझ पाते "एक ने जीभ तो दूसरे ने गला काट लिया"

Sun, 04 Mar 2018 09:49 PM IST
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
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डेमो पिक
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चित्रकूटः अंधविश्वास के दो मामलों ने रविवार को फिर लोगों को हिलाकर रख दिया। मंदिर परिसर में एक युवक ने जहां खुद का गला रेतकर जान दे दी, वहीं दूसरे मामले में युवक ने अपनी जीभ काट ली, जिससे वह गंभीर रूप से जख्मी हो गया। अस्पताल में उसका इलाज चल रहा है। पुलिस ने युवक के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
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पहाड़ी थाना क्षेत्र के दरसेड़ा निवासी राजू उर्फ बिल्लू (28) पुत्र फूलचंद्र रविवार की सुबह मंदिर जाने की बात कहकर घर से निकला था। राजू गांव से लगभग 8 किमी दूर लोहदा गांव स्थित चौसड़ी देवी मंदिर पहुंचा, जहां रामायण का पाठ चल रहा था।


लोगों के मुताबिक, दोपहर ढाई बजे के आसपास कुछ देर तक रामायण का पाठ करने बाद राजू उर्फ बिल्लू उठा और जेब से चाकू निकाल लिया। मौजूद लोग कुछ समझ पाते इससे पहले उसने अपना गला रेत लिया, जिससे मंदिर परिसर में हड़कंप मच गया। मंदिर में युवक की मौत की जानकारी पर सीओ सुरेश शर्मा व एसओ अरुण पाठक मौके पर पहुंचे और राजू की जेब से मिले मोबाइल से परिजनों को सूचना दी।
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एसओ ने बताया कि परिजनों ने इस बारे में कुछ भी बताने से इनकार किया है। बताया कि राजू चार भाइयों में सबसे छोटा था और गांव में ही रहता था। उधर, मानिकपुर थाना क्षेत्र के खिचरी गांव निवासी रामनरेश (25) पुत्र सुकुरवा अपनी ननिहाल मानिकपुर कस्बे के वाल्मीकि नगर आया था। रविवार को वह वाल्मीकि नगर स्थिति एक देवी मंदिर के पास सुबह 11 बजे पहुंचा और अपनी जीभ काट ली, जिससे वह बेहोश हो गया। लगभग एक घंटे बाद पहुुुंची पुलिस ने उसे अस्पताल में भर्ती कराया है। अस्पताल में उसकी हालत गंभीर बताई जा रही है। 
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