शेड्यूल का पूरा विवरण तकनीकी शिक्षा बोर्ड की वेबसाइट और तकनीकी शिक्षा निदेशालय की वेबसाइट पर उपलब्ध है।
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कानपुर। जॉइंट एंट्रेंस एग्जाम (जेईई) एडवांस 2016 की कटऑफ मेरिट लिस्ट गिर सकती है। इसकी आकलन रिपोर्ट रविवार को सब्जेक्ट एक्सपर्ट ने जारी की है। आंसर-कीज का अध्ययन करने के बाद एक्सपर्ट का कहना है कि मल्टीपल च्वाइस (एक से ज्यादा आंसर वाले) के क्वेश्चन कटऑफ मेरिट लिस्ट के गणित बिगाड़ सकते हैं। अब तक का कटऑफ निचले स्तर पर जा सकता है।
देश की 22 आईआईटी और आईएसएम धनबाद में एडमिशन की संयुक्त प्रवेश परीक्षा (जेईई एडवांस) 22 मई को कराई गई थी। इसके रिजल्ट 12 जून को आएंगे। इससे पहले जो आंसर-कीज जारी हुई है, उससे सेलेक्शन, कटऑफ मार्क्स के अनुमान लगाए जा रहे हैं। मैथमेटिक्स के एक्सपर्ट महेश सिंह चौहान ने बताया कि बीई, बीटेक के पहले पेपर में मल्टीपल च्वाइस के 24 क्वेश्चन पूछे गए थे। पेपर का पैटर्न भी बदला था, जो पिछले सालों से टफ बताया गया। मैथमेटिक्स और फिजिक्स के क्वेश्चन हल करने में पसीने छूट गए। इससे मार्किंग टफ होने के आसार हैं। ऐसा हुआ तो कटऑफ मेरिट लिस्ट गिरेगी। पिछले साल (2015) की तुलना में सामान्य संवर्ग की कटऑफ 20 मार्क्स नीचे जा सकती है। ओबीसी, एससी, एसटी की कटऑफ मेरिट लिस्ट भी गिरेगी।
आईआईटी से प्रो. राव, विश्वनाथन आनंद को मिलेगी मानद उपाधि
आईआईटी कानपुर की ओर से देश के प्रतिष्ठित विज्ञानी और भारत रत्न से सम्मानित प्रो. सीएनआर राव, चेस खिलाड़ी विश्वनाथन आनंद को डॉक्टर ऑफ साइंस (डीएससी) की मानद उपाधि दी जाएगी। इसकी मंजूरी राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी ने दे दी है। आईआईटी के दीक्षांत समारोह में बीटेक, एमटेक, एमबीए, एमएससी, पीएचडी, बीए, एमएस और एमडैस के करीब 1100 स्टूडेंटों को डिग्री दी जाएगी। समारोह 27 और 28 जून को होगा। इसकी तैयारियां चल रही हैं। इसको लेकर 23 मई को सीनेट की मीटिंग हुई थी। इसके बाद प्रो. राव और विश्वनाथन का नाम राष्ट्रपति के पास भेजा गया था। अब राष्ट्रपति ने उपाधि देने की अनुमति दे दी है। मानद उपाधि पाने वाले प्रो. सीएनआर राव आईआईटी कानपुर में पढ़ा चुके हैं। वह 26 जून को कानपुर आएंगे। 27 जून को मानद उपाधि लेंगे। 28 जून को प्रस्तावित दूसरे दीक्षांत समारोह में भी हिस्सा लेंगे। 29 जून को कानपुर से रवाना होंगे। चेस खिलाड़ी विश्वनाथन आनंद भी आ सकते हैं। विश्वनाथन को पिछले दीक्षांत समारोह में मानद उपाधि दी जानी थी लेकिन वह नहीं आ सके। इस बार आकर मानद उपाधि ले सकते हैं। इसकी पुष्टि आईआईटी प्रशासन ने की है।