कानपुर। शहर के किसी कॉलेज में दाखिला लेने वाले छात्रों को अगर पहले साल पढ़ाई समझ नहीं आती है, या महाविद्यालय नहीं आ सकते हैं, तो वह दूसरे साल दूसरे कॉलेज में दाखिला ले सकते हैं। तीसरे और चौथे साल में भी कॉलेज में बदलाव करने का विकल्प छात्रों के पास रहेगा। छात्रों को डिग्री उसी कॉलेज से मिलेगी, जिसमें उन्होंने अंतिम साल में पढ़ाई की होगी।
राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत अकादमिक बैंक ऑफ क्रेडिट (एबीसी) एक ऐसा डिजिटल सिस्टम है जो छात्रों की ओर से उच्च शिक्षा संस्थानों में अर्जित क्रेडिट को डिजिटल रूप से स्टोर करता है। यह छात्रों को एक संस्थान से दूसरे संस्थान में जाने की सुविधा देता है।
सीएसजेएमयू प्रशासन ने भी एकाधिक निकास और प्रवेश का नियम लागू कर दिया है। इसमें छात्र-छात्राओं का सेमेस्टर के अनुसार क्रेडिट स्कोर होगा। इसी स्कोर के आधार पर विद्यार्थी दूसरे विवि में प्रवेश लेने के साथ दूसरे अतिरिक्त पाठ्यक्रम में भी दाखिला ले सकेंगे। इसके लिए संबंधित विवि में सीट और छात्र में अनिवार्य योग्यता होना जरूरी है।
क्राइस्ट चर्च कॉलेज के प्रवेश प्रभारी प्रो. सत्यप्रकाश सिंह ने कहा कि एकाधिक निकास और प्रवेश की व्यवस्था लागू की गई है। इस साल प्रवेश लेने वाले छात्रों को इसका लाभ मिलेगा। अंतिम वर्ष की परीक्षा जिस कॉलेज से छात्र देगा उसको उसी कॉलेज की डिग्री मिलेगी।
अब छात्रों को एक ही कॉलेज से पूरा कोर्स करने की जरूरत नहीं होगी। सीडीसी प्रो. आरके द्विवेदी ने कहा कि इस साल से यह व्यवस्था लागू की जाएगी। 2025-26 में प्रवेश लेने वाले छात्र इसका लाभ ले सकेंगे।