कानपुर। सीएसजेएमयू में अब नए शैक्षणिक सत्र 2026-27 से बैचलर ऑफ फिजियोथेरेपी, बैचलर इन लैबोरेटरी साइंस और मास्टर ऑफ फिजियोथेरेपी कोर्स करने के लिए 41 फीसदी ज्यादा फीस देनी होगी। फिजियोथेरेपी की फीस को 85 हजार से 1.20 लाख रुपये कर दिया गया है। इसके अलावा विद्यार्थियों से पांच हजार रुपये परीक्षा शुल्क भी लिया जाएगा। विवि के इस निर्णय से छात्रों में आक्रोश हैं। विवि प्रबंधन का कहना है कि इस साल नेशनल काउंसिल फॉर एलाइड हेल्थकेयर प्रोफेशनल के गठन के बाद देश के सभी संस्थानों की सीटें कम कर दी गई हैं। खर्चों को पूरा करने के लिए फीस बढ़ोतरी की गई है।
नए नियम के तहत विवि में बैचलर ऑफ फिजियोथेरेपी की सीटें 120 से घटाकर 100, बैचलर इन लैबोरेटरी साइंस की सीटें 120 से 60 और मॉस्टर ऑफ फीजियोथेरेपी की 60 सीटों को 24 कर दिया गया है। काउंसलिंग से ठीक पहले लिए गए इस फैसले से छात्र और अभिभावक परेशान हैं। छात्रों का कहना है कि बिना किसी पूर्व सूचना के इतनी बड़ी फीस बढ़ोतरी करना गलत है। मध्यमवर्गीय और ग्रामीण पृष्ठभूमि के विद्यार्थियों के लिए कम समय में इतनी रकम जुटाना मुश्किल है। कई छात्रों ने बताया कि उनकी काउंसलिंग 22 मई को है। अब नई फीस के कारण प्रवेश लेने में भी असमंजस की स्तिथि है। स्कूल ऑफ हेल्थ साइंस के निदेशक डॉ. मुनीश रस्तोगी ने कहा कि सीटें कम होने और खर्चों को पूरा करने के लिए ही फीस बढ़ाई गई है। केवल सीएसजेएमयू नहीं बल्कि देश के सभी संस्थानों में फीस बढ़ोतरी हुई है।