कानपुर। इंजीनियरिंग छात्रों को तकनीकी रूप से मजबूत बनाने के लिए छत्रपति शाहूजी महाराज विश्वविद्यालय ने नए माइनर कोर्स की शुरुआत की है। एआईसीटीई गाइडलाइंस के अनुसार छात्रों को अब एआई, एमएल, आईओटी, एम्बेडेड सिस्टम और वीएलएसआई डिजाइन सहित अन्य माइनर डिग्री प्रोग्राम करने का मौका मिलेगा।
इसमें छात्र 18 से 20 क्रेडिट अर्जित कर अपनी मुख्य डिग्री के साथ-साथ माइनर डिग्री भी प्राप्त कर सकेंगे। इस पहल का उद्देश्य छात्रों को उन्नत तकनीकी दक्षता प्रदान करना, उन्हें रोजगारोन्मुख बनाना और स्टार्टअप व इनोवेशन की संस्कृति को बढ़ावा देना है। इसके तहत इंजीनियरिंग के पांच प्रमुख विभागों की ओर से विभिन्न विषयों में माइनर डिग्री प्रोग्राम की पेशकश की जा रही है। कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग विभाग एआई, एमएल में, इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग आईओटी, एम्बेडेड सिस्टम और वीएलएसआई डिजाइन में, केमिकल इंजीनियरिंग विभाग ग्रीन टेक्नोलॉजी एवं सस्टेनेबिलिटी इंजीनियरिंग, एनर्जी इंजीनियरिंग में, मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग मैन्युफैक्चरिंग इंजीनियरिंग में और मैटेरियल साइंस एंड मैटलर्जिकल इंजीनियरिंग विभाग इलेक्ट्रॉनिक मैटेरियल्स में माइनर डिग्री प्रोग्राम ऑफर कर रहा है।
कुलपति प्रो. विनय पाठक ने बताया कि तकनीक तेजी से बदल रही है और इसके साथ ही उद्योगों की आवश्यकताएं भी। हमारा माइनर डिग्री प्रोग्राम छात्रों को बहुविषयक दृष्टिकोण से तैयार करेगा, जिससे वह इंडस्ट्री के अनुरूप दक्ष बन सकें। यह पहल उन्हें परंपरागत शिक्षा से एक कदम आगे ले जाएगी। डीन अकादमिक्स प्रो. बृष्टि मित्रा ने बताया कि माइनर डिग्री कार्यक्रम छात्रों को अपनी रूचि और कॅरिअर लक्ष्यों के अनुसार विषयों का चयन करने की स्वतंत्रता देता है। यूआईईटी के निदेशक डॉ. आलोक कुमार ने कहा कि माइनर डिग्री कार्यक्रम छात्रों को विश्वस्तरीय टेक्नोलॉजी में प्रशिक्षित करने की दिशा में एक प्रभावशाली पहल है।