कानपुर। छत्रपति शाहूजी महाराज विश्वविद्यालय (सीएसजेएमयू) प्रशासन छात्र-छात्राओं के तनाव को कम करने जा रहा है। उनके लिए इमोशनल वेलबीइंग एंड लाइफ स्किल मैनेजमेंट विषय लागू किया गया है, जिसमें भावनाओं को नियंत्रण, समय प्रबंधन, जीवन कौशल, व्यक्तित्व विकास आदि की जानकारी दी जाएगी। अभी यह कैंपस के छात्रों के लिए अनिवार्य है। प्रथम सेमेस्टर से लागू किया जाएगा।
विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ आर्ट्स, ह्यूमैनिटीज एंड सोशल साइंसेज के क्लिनिकल साइकोलॉजी विभाग ने “इमोशनल वेलबीइंग एंड लाइफ स्किल मैनेजमेंट” विषय को पाठ्यक्रम में शामिल किया है। इससे छात्र-छात्राएं मानसिक रूप से सशक्त और आत्मविश्वासी बन सकेंगे।
विभागाध्यक्ष डॉ. प्रियंका शुक्ला ने कहा कि विभाग का उद्देश्य विद्यार्थियों को केवल पढ़ाई तक सीमित नहीं रखना, बल्कि उन्हें मानसिक रूप से मजबूत, भावनात्मक रूप से संतुलित और सामाजिक रूप से जिम्मेदार नागरिक बनाना है। यह पाठ्यक्रम राष्ट्रीय शिक्षा नीति के उद्देश्यों के अनुरूप तैयार किया गया है, जिसमें समग्र और कौशल आधारित शिक्षा पर जोर दिया गया है।
यह होगा कोर्स
कोर्स में भावनात्मक बुद्धिमत्ता (इमोशनल इंटेलिजेंस), समय प्रबंधन, तनाव प्रबंधन, जीवन कौशल और व्यक्तित्व विकास जैसे विषयों का वैज्ञानिक और व्यावहारिक ज्ञान दिया जाएगा। सब्जेक्टिव वेलबीइंग को भी पाठ्यक्रम का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया गया है। खास बात यह है कि इसमें विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा निर्धारित 10 प्रमुख जीवन कौशल को शामिल किया गया है। इनमें आत्म-जागरूकता, सहानुभूति, प्रभावी संप्रेषण, पारस्परिक संबंध, रचनात्मक और आलोचनात्मक सोच, निर्णय लेने की क्षमता, समस्या समाधान, भावनाओं का प्रबंधन और तनाव से निपटने की रणनीतियां शामिल हैं।