कानपुर। छत्रपति शाहू जी महाराज विवि (सीएसजेएमयू) में शनिवार को एआई टूल मास्टर क्लास शृंखला का शुभारंभ हुआ। इसे उच्च शिक्षा में तकनीकी दक्षता को नई दिशा देने वाला कदम बताया गया। फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम के तीसरे दिन (कैम-एआइ) टीम ने विवि की शिक्षा में एआई की महारत को संस्थागत रूप देने के उद्देश्य से इसकी शुरुआत की।
कैम-एआई टीम के नेतृत्व में शिवांश शर्मा ने प्रतिभागियों को एआई पावर यूजर्स बनाने पर जोर दिया। उन्होंने जेमिनी के मल्टीमॉडल आर्किटेक्चर का विस्तृत विश्लेषण किया जो टेक्स्ट, कोड, ऑडियो और इमेज को एक साथ प्रोसेस करने में सक्षम है। सत्र में फ्लैश मॉडल, थिंकिंग मॉडल और प्रो मॉडल के उपयोग की रणनीतियों को समझाया गया।
इसके साथ ही जेमिनी की विशाल कॉन्टेक्स्ट विंडो पर चर्चा हुई जो लगभग 20 लाख टोकन तक के बड़े डेटा, किताबों या कोडबेस का विश्लेषण बिना संदर्भ खोए कर सकती है।प्रतिभागियों ने जैम्स बनाने की प्रक्रिया भी सीखी जो व्यक्तिगत एआई एजेंट के रूप में काम करते हैं। दस्तावेज और कोड संपादन के लिए कैनवस मोड का उपयोग भी सिखाया गया।
शैक्षणिक शुद्धता सुनिश्चित करने के लिए डीप थिंकिंग मोड और सर्च ग्राउंडिंग का प्रदर्शन किया गया जो वास्तविक समय के वेब डेटा से क्रॉस-रेफरेंस कर गलत सूचनाओं को रोकते हैं और तथ्यात्मक सटीकता बढ़ाते हैं। कैम-एआई टीम ने बताया कि यह मास्टर क्लास पारंपरिक कार्यशालाओं से आगे बढ़कर टूल-बाय-टूल विश्लेषण के माध्यम से प्रतिभागियों को एआई में दक्ष बनाने के लिए तैयार किया गया है।
इस अवसर पर डॉ. अंशू सिंह ने कहा कि विश्वविद्यालय एआई मिशन की शुरुआत कर रहा है। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय एडटेक प्लेटफॉर्म की संरचना को अपनाकर विवि यह सुनिश्चित कर रहा है कि शिक्षक और छात्र एआई के क्षेत्र में अग्रणी बनें। यह पहल एआई फॉर ऑल मिशन को मजबूत करेगी।