सरकारी फीस (शुल्क प्रतिपूर्ति) के भरोसे छत्रपति शाहूजी महाराज यूनिवर्सिटी कैंपस के प्रोफेशनल, डिग्री और डिप्लोमा कोर्स में एडमिशन लेने वाले शैक्षिक सत्र 2014-15 के 800 से ज्यादा स्टूडेंट्स के रिजल्ट रोक दिए गए हैं। इन स्टूडेंट्स की फीस समाज कल्याण विभाग से नहीं मिली है।
ज्यादातर सामान्य और ओबीसी संवर्ग के स्टूडेंट्स के रिजल्ट रोके गए हैं। इससे स्टूडेंट्स परेशान हैं। यूनिवर्सिटी कैंपस के बीबीए, बीसीए, बीएससी बायोटेक, एमबीए, एमसीए, हेल्थ साइंसेज, एमफिल, पत्रकारिता एवं जनसंपर्क विभाग सहित 42 पाठ्यक्रमों के रिजल्ट घोषित कर दिए गए हैं।
उन स्टूडेंट्स के रिजल्ट नहीं आए हैं, जिनकी फीस समाज कल्याण विभाग से नहीं मिल सकी है। दरअसल, यूनिवर्सिटी कैंपस में एससी, एसटी स्टूडेंट्स को जीरो बैलेंस पर एडमिशन देने की व्यवस्था है। वहीं एक लाख से कम आय वर्ग के सामान्य, ओबीसी स्टूडेंट्स से भी फीस नहीं ली जाती है।
इन सबकी फीस समाज कल्याण विभाग से मिलती है। इस बार ऐसा नहीं हो सका है। ज्यादातर स्टूडेंट्स की सरकारी फीस नहीं मिली है। समाज कल्याण विभाग के पास जो डाटा है, उसके मुताबिक एक लाख से ज्यादा स्टूडेंट्स की फीस लैप्स हो चुकी है।
इसमें छत्रपति शाहूजी महाराज यूनिवर्सिटी कैंपस के स्टूडेंट भी शामिल हैं। रिजल्ट रुकने से स्टूडेंट्स नाराज हैं। उनका कहना है कि समस्या का समाधान जल्द नहीं हुआ तो धरना, प्रदर्शन किया जाएगा।
फीस के बगैर डिग्री नहीं मिलती है। जिन स्टूडेंट्स की फीस समाज कल्याण विभाग से नहीं मिली है, उनके रिजल्ट रोके गए हैं। फीस मिलते ही रिजल्ट जारी कर दिए जाएंगे। यह एक प्रक्रिया है। स्टूडेंट्स को परेशान होने की जरूरत नहीं है।
- सैय्यद वकार हुसैन, रजिस्ट्रार सीएसजेएम यूनिवर्सिटी