फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कुलपति की जांच को एक और कमेटी

Wed, 06 May 2015 02:40 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला कानपुर
विज्ञापन
विज्ञापन
चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के निलंबित कुलपति प्रो. मुन्ना सिंह पर लगे भ्रष्टाचार के आरोपों की अंतिम जांच के लिए राज्यपाल राम नाईक ने मंगलवार को तीन सदस्यीय जांच कमेटी गठित कर दी है। यह कमेटी दो महीने में जांच रिपोर्ट देगी।
विज्ञापन


जांच कमेटी के अध्यक्ष इलाहाबाद हाईकोर्ट के रिटायर्ड जस्टिस वीडी चतुर्वेदी हैं। छत्रपति शाहूजी महाराज यूनिवर्सिटी के कुलपति प्रो. जेवी वैशंपायन और रिटायर्ड आईएएस मनोज कुमार जांच कमेटी के सदस्य हैं। जब तक रिपोर्ट आएगी, तब तक प्रो. मुन्ना सिंह निलंबित रहेंगे। उन्हें लखनऊ विश्वविद्यालय के कुलपति कार्यालय से संबद्ध किया गया है।

शिक्षकों की सीधी भर्ती और कॅरियर एडवांसमेंट स्कीम (कैश) के तहत प्रमोशन का विज्ञापन मार्च 2014 में निकाला गया। फिर आवेदन फार्म आए और इनकी स्क्रीनिंग हुई। 12 से 30 दिसंबर के बीच इंटरव्यू कराए गए। इसी बीच शिक्षकों की सीधी भर्ती में गड़बड़ी की शिकायत राज्यपाल को मिली।
विज्ञापन


75 शिक्षक, सांसद, विधायक और पूर्व मंत्रियों ने शिकायत करके कहा कि भर्ती प्रक्रिया पारदर्शी नहीं है। इसपर राज्यपाल ने भर्ती प्रक्रिया और इंटरव्यू के रिजल्ट घोषित करने पर रोक लगा दी। इसी सिलसिले में राज्यपाल ने तीन सदस्यीय प्रारंभिक जांच कमेटी गठित की।

इलाहाबाद हाईकोर्ट के रिटायर्ड जस्टिस की अध्यक्षता वाली प्रारंभिक जांच में कुलपति प्रो. मुन्ना सिंह को दोषी पाया गया है। इसी आधार पर राज्यपाल ने 1 मई 2015 को कुलपति को निलंबित कर दिया। अब राज्यपाल ने मंगलवार को एक और कमेटी गठित करके अंतिम जांच के आदेश जारी कर दिए हैं।

राजभवन के सूचना अधिकारी अंजुम नकवी ने बताया कि जांच कमेटी को दो महीने में रिपोर्ट देनी है। यह कमेटी भ्रष्टाचार के आरोपों की अंतिम रूप से जांच-पड़ताल करेगी।
विज्ञापन

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें