महोबा जिले में कबरई के इंद्रकांत त्रिपाठी हत्याकांड के हाईप्रोफाइल मामले में सियासत गरमा गई है। विपक्षी पार्टियां बीजेपी सरकार पर हमलावर हैं। सोमवार को व्यापारी हत्याकांड के मामले में कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी व समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने ट्वीट कर भाजपा सरकार पर निशाना साधा।
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कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव व उत्तर प्रदेश प्रभारी प्रियंका गांधी ने कबरई के क्रशर व्यापारी की मौत पर ट्वीट कर बीजेपी सरकार को आड़े हाथों लिया। प्रियंका गांधी ने ट्वीट कर कहा कि महोबा के व्यापारी इंद्रकांत त्रिपाठी की हत्या उत्तर प्रदेश सरकार की कार्यशैली पर सवाल है।
बीजेपी सरकार में अपराध और भ्रष्टाचार चरम पर है और अब इस सरकार के अफसर भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाने वालों की सुपारी दिलवा रहे हैं। जंगलराज का भयावह रूप है ये। वहीं सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष व पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने क्रशर व्यापारी की मौत पर ट्वीट कर कहा कि महोबा के इंद्रकांत त्रिपाठी सरकारी हत्याकांड में दिखावटी सस्पेंशन की लीपापोती न करके सरकार गिरफ्तारी करे। आरोपित पुलिस कप्तान व डीएम के खिलाफ इतनी ढिलाई क्यों?, पुलिस किस अधिकार से जनप्रतिनिधियों को जनता से मिलने व उनके मुद्दे उठाने से रोक रही है?। क्या कोई हिस्सेदारी है?
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अपराधियों व सरकार के बीच गठजोड़: अजय कुमार
पुलिस द्वारा घाटमपुर में रोके गए कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू ने नाराजगी जताकर कहा कि अपराधियों व सरकार के बीच गठजोड़ है। वह पुलिस के लाठी-डंडे व गोली से नहीं डरते हैं। इन सबके लिए उनका सीना सदैव तैयार है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में लोकतंत्र नाम की चीज नहीं रह गई है।
उन्होंने कहा कि लोग तो लोग पुलिस भी खुद को असुरक्षित महसूस करती है। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों की आवाज दबाई जा रही है। लोग खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। आखिर कब तक सरकार दमन करेगी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस गलत नीतियों का सदैव विरोध करती रही है और आगे भी करती रहेगी।
प्रदेश में आपातकाल जैसे हालात: आराधना
प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू के साथ महोबा जा रही विधान मंडल की नेता आराधना मिश्रा ने भी प्रदेश सरकार को निशाने पर लेते हुए कहा कि कहा कि प्रदेश में आपातकाल जैसा माहौल बना दिया गया है। प्रदेश सरकार लोकतंत्र की हत्या कर रही है।
उन्होंने कहा कि आखिर कब तक लोगों की आवाज दबाई जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश में आज बहू बेटियां सुरक्षित नही हैं। हत्याओं की बाढ़ आ गई है। उन्होंने कहा कि जिस तरह से अपराधियों के हौसले बुलंद हैं वह समय दूर नही जब लोग तो लोग जन प्रतिनिधि भी खुद को असुरक्षित महसूस करेंगे।
लल्लू को रोकने की खबर फैलते ही दौड़े कांग्रेसी
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू व विधानमंडल दल नेता आराधना मिश्रा को रोके जाने की खबर आग की तरह क्षेत्र में फैल गई। जिसके बाद धीरे-धीरे कर कांग्रेसियों का पहुंचना शुरू हो गया। प्रदेश महासचिव व पूर्व सांसद राकेश सचान व विधायक सोहेल अंसारी के अलावा कानपुर ग्रामीण की जिलाध्यक्ष उषारानी कोरी, जनपद हमीरपुर व कानपुर देहात के जिलाध्यक्षों के अलावा इनाम हुसैन बुल्ला, तन्नू सचान, विपिन यादव, रामजी श्रीवास्तव, अमरदीप सोनकर, एडवोकेट शिवनाथ सिंह चैहान, एडवोकेट महेश श्रीवास्तव, नवीन कमल, लक्ष्मीशंकर पांडेय आदि कांग्रेसी शामिल रहे।
लल्लू ने एसडीएम के सामने रखीं पांच मांगें
महोबा के क्रशर कारोबारी के परिजनों से मिलने न जाने देने पर वापस लौटने से पहले प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू ने एसडीएम अरुण कुमार से पांच मांगे प्रदेश सरकार को भेजे जाने की मांग की। जिसमें उन्होंने कारोबारी के परिवार के एक सदस्य को नौकरी देने, मामले की सीबीआई जांच कराने, परिजनों को एक करोड़ रुपये की सहायता, दोषियों को कड़ी सजा देने के साथ ही परिवार को सुरक्षा प्रदान किए जाने की मांग की। एसडीएम ने मांगों को प्रदेश सरकार को भेजने का भरोसा दिया।