कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष द्वारा रोके जाने की वजह पूछे जाने पर पुलिस से उनकी करीब दो घंटे तक नोकझोंक होती रही। फिर उन्हें व विधायक दल की नेता को चौराहे पर स्थित पीडब्ल्यूडी के डाकबंगले ले जाया गया। तभी सीओ सदर के बाद एसडीएम भी पहुंच गए।
पहले से मौजूद तहसीलदार विजय यादव से सारे मामले की जानकारी अधिकारियों को दी। काफी मान मनौव्वल के बाद भी प्रदेश अध्यक्ष अपनी बात पर अड़े रहे। फिर मौके पर मौजूद पूर्व सांसद राकेश सचान की मध्यस्थता के बाद प्रदेश अध्यक्ष व पुलिस प्रशासन के बीच की समझौते की बात बनीं। इसके बाद प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार सिंह लल्लू व विधायक दल की नेता आराधना मिश्रा, पूर्व सांसद व विधायक सोहेल अंसारी तथा अन्य कांग्रेसी नेताओं के साथ लखनऊ की ओर लौट गए।
लल्लू ने ट्वीट कर कहा 'अपराधी तो अपराधी कानून के रखवाले भी सुपारी ले रहे है, व्यापारी की हत्या कर दी जाती है। महोबा जाने के दौरान घाटमपुर में पुलिस ने जबरदस्ती रोक लिया। व्यक्ति के अधिकारों पर सरकार ने पहरा लगा दिया है। यह अघोषित आपातकाल है।'