महोबा जिले के कबरई क्रशर कारोबारी की मौत के मामले में पुलिस कर्मियों पर गाज गिरने का सिलसिला जारी है। महोबा के पुलिस अधीक्षक और कबरई थाने के प्रभारी सहित कई पुलिस कर्मियों के निलंबन के बाद फतेहगंज (बांदा) थानाध्यक्ष और एक कांस्टेबल को गुरुवार को निलंबित कर दिया गया।
निलंबित कांस्टेबल एसआईटी की जांच में संदिग्ध पाया गया है। यहां से पहले कबरई थाने में तैनात था। कांस्टेबल पर कार्रवाई न करने पर थानाध्यक्ष भी नप गए हैं। फतेहगंज थाने में तैनात कांस्टेबल अरुण कुमार यादव कबरई थाने में तैनात था।
7 अप्रैल को उसका तबादला बांदा जिले के फतेहगंज थाने के लिए हो गया, लेकिन कबरई से रवानगी कराने के बाद अपने पैतृक घर में कोई हादसा हो जाने की बात बताकर फतेहगंज थाने नहीं आया। सूत्रों के मुताबिक एसआईटी की जांच में पाया गया कि वह इस दौरान कबरई क्रशर कारोबारियों से जुड़ा रहा।
एसआईटी द्वारा की जा रही जांच में क्रशर कारोबारी इंद्रकांत की मौत की घटना में उसकी संदिग्ध भूमिका पाई गई है। इस पर उसे तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
उधर, फतेहगंज थानाध्यक्ष राधेबाबू इस बात पर नपे कि उन्होंने ड्यूटी से नदारद रहने के बावजूद कांस्टेबल अरुण की रपट आदि कार्रवाई नहीं की। देर रात पुलिस अधीक्षक डॉ. एसएस मीणा ने दोनों के निलंबन की पुष्टि करते हुए सिर्फ इतना ही कहा कि छुट्टी संबंधी नियमों का पालन न करने पर निलंबन हुआ है।