एसीपी कल्याणपुर दिनेश कुमार शुक्ला ने बताया कि आरोपियों ने लूटे हुए जेवरात रूरा निवासी सराफ संजय सिंह को बेचे थे। संजय को पता था कि गहने लूट के हैं, इसके बावजूद कम रुपये में गहने खरीद लिए थे। आरोपियों को संजय ने 82 हजार रुपये दिए थे। संजय की मिलीभगत आरोपियों के साथ स्पष्ट हुई है।
कानपुर में सामूहिक दुष्कर्म के बाद सीआरपीएफ जवान की पत्नी की हत्या के मामले में पुलिस ने लूटे गए जेवरात खरीदने वाले सराफ संजय सिंह को गिरफ्तार किया है। संजय कानपुर देहात के रूरा का रहने वाला है। पूछताछ में उसने जेवरात खरीदने की बात कबूली है।
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पुलिस ने मृतका के कई गहने उसके पास से बरामद किए हैं। पूछताछ के बाद पुलिस ने मंगलवार को संजय को जेल भेज दिया है। पनकी निवासी सीआरपीएफ जवान की पत्नी को 20 फरवरी की रात उसके परिचितों ने अगवा कर लिया था।
पांच दिन बाद पुलिस ने वारदात का खुलासा करते हुए पुष्पेंद्र सिंह, मुख्तार, शमशाद को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। पुलिस ने बताया था कि इन तीन आरोपियों के अलावा राशिद नाम के शख्स ने मिलकर पहले मृतका के घर पर लूटपाट की थी। फिर उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया।
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विरोध पर उसको मौत के घाट उतार दिया था। एसीपी कल्याणपुर दिनेश कुमार शुक्ला ने बताया कि आरोपियों ने लूटे हुए जेवरात रूरा निवासी सराफ संजय सिंह को बेचे थे। संजय को पता था कि गहने लूट के हैं, इसके बावजूद कम रुपये में गहने खरीद लिए थे। आरोपियों को संजय ने 82 हजार रुपये दिए थे। संजय की मिलीभगत आरोपियों के साथ स्पष्ट हुई है। इसलिए उसके खिलाफ कार्रवाई की गई है। अब केवल राशिद फरार है। जिसकी तलाश जारी है।