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Kanpur News: बलिदानी सुधीर को अंतिम विदाई देने के लिए सैलाब उमड़ पड़ा

Thu, 09 Jan 2025 12:25 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
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मैथा (कानपुर देहात)। बलिदानी सुधीर सिंह यादव को अंतिम विदाई देने के लिए बुधवार को सैलाब उमड़ पड़ा। उनकी अंतिम झलक पाने के लिए इतने लोग पहुंच गए कि जगह कम पड़ गई। लोगों ने घरों की छतों और पेड़ों पर चढ़कर बलिदानी का अंतिम दर्शन किया और उन्हें नमन किया। परिवेश में जब तक सूरज चांद रहेगा, सुधीर तेरा नाम रहेगा का जयघोष गूंजता रहा।





कानपुर के सेवन एयरफोर्स हॉस्पिटल से सुबह 10:20 बजे सहकर्मी पायलट सुधीर का तिरंगे में लिपटा पार्थिव शरीर उनके पैतृक गांव हरिकिशनपुर लेकर पहुंचे। बलिदानी के अंतिम दर्शन के दौरान लोगों की आंखों में आंसू थे। जुबां पर सुधीर सिंह अमर रहे का जयघोष था। बेटे की अंतिम यात्रा में बेसुध मां कहती रहीं कि बहू बेटे की दोबारा बरात देख ले। इस बार बेटा पास आने की जगह दूर चला जाएगा।
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गुजरात के पोरबंदर में रविवार को इंडियन कोस्टगार्ड का हेलिकॉप्टर क्रैश हो गया था। इस हादसे में शिवली के हरिकिशनपुर के कोस्टगार्ड पायलट सुधीर यादव (30) सहित तीन जवान बलिदान हो गए थे। बुधवार को बलिदानी का पार्थिव शरीर गांव पहुंचने पर लोगों ने छतों पर खड़े होकर पुष्पवर्षा की। बेटे के पार्थिव शरीर के पास रखी उनकी तस्वीर को पिता बार-बार निहारते रहे। वहीं, परिजन को ढांढस बंधाने के लिए स्वयं के आंसू छिपाकर उन्हें शांत कराते रहे।




कैबिनेट मंत्री राकेश सचान, राज्यमंत्री प्रतिभा शुक्ला, जिलाधिकारी आलोक कुमार सिंह, पुलिस अधीक्षक बीबीजीटीएस मूर्ति, पूर्व एमएलसी दिलीप सिंह, थाना प्रभारी हरमीत सिंह सहित अन्य लोगों ने श्रद्धांजलि अर्पित की। बलिदानी को एनसीसी कैडेट्स ने भी सलामी दी।



गांव से अंतिम यात्रा कानपुर के बिठूर तक निकाली गई। वहां राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान एसडीएम सुरभि शर्मा, तहसीलदार सुनील कुमार, सीओ राजीव सिरोही, पूर्व सांसद अनिल शुक्ल वारसी, सपा के पूर्व जिलाध्यक्ष प्रमोद यादव, नीरज सिंह गौर, पूर्व प्रधान बलवान सिंह यादव, लकी सिंह, प्रधान भरत सिंह, आदि मौजूद रहे।



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बिछड़ गई राम-लखन की जोड़ी : मां



रोते-बिलखते मां राजमणि कह रही थीं कि मेरे राम-लखन की जोड़ी बिछड़ गई। मेरे दोनों बेटे धर्मेंद्र और सुधीर की जोड़ी राम-लखन जैसी थी। अब यह छोड़ी नहीं देख पाऊंगी। वहीं, पिता नवाब सिंह बेसुध हो रही सुधीर की मां को संभालते और सांत्वना देते रहे।



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यूनिफॉर्म में बसती थी सुधीर की जान : पत्नी



पत्नी आवृत्ति ने बताया कि देश सेवा सुधीर के लिए एक जज्बा था। ड्यूटी पर जाने से पहले वह अपनी यूनिफॉर्म को इस तरह चमकाते थे मानो उसी में उनकी जान बसती हो। पटना में न्यायिक जज आवृत्ति नैथानी ने पति को अंतिम विदाई देते हुए कहा कि सुधीर मुझे आप पर गर्व है। अपनी सर्विस के लिए तुमने जो भी किया है, वह काबिल-ए-तारीफ है। तुम्हारे बिना जिंदगी अधूरी हो गई है। यह खालीपन कभी भर नहीं सकेगा। तुम मेरे दिल में विराजमान रहोगे।







बलिदानी सुधीर के पिता बोले- अग्निवीर योजना में बदलाव होना चाहिए



मैथा (कानपुर देहात)। गुजरात के पोरबंदर में रविवार को हेलिकॉप्टर हादसे में बलिदान हुए सुधीर सिंह यादव के पिता नवाब सिंह यादव का कहना है कि अग्निवीर योजना में बदलाव होना चाहिए। सरकार को अग्निवीर जवानों की सुरक्षा के लिए विशेष कदम उठाने चाहिए, ताकि लोग पीछे न हटें। उन्होंने कहा कि अग्निवीर के तहत कौन चार साल के लिए सरहद पर जाएगा? सरकार को वेलफेयर का ध्यान रखना चाहिए। सरहद पर जाने वाले को यह एहसास दिलाना चाहिए कि उसके पीछे उसका परिवार सुरक्षित रहने वाला है। उन्होंने कहा कि वह भी फौज में थे। उनका बड़ा बेटा धर्मेंद्र भी एयरफोर्स में है। मेरा परिवार बना ही देश की रक्षा के लिए है। इस पर हमें गर्व है।
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हेलिकॉप्टर में खामी मिले तो इसे वापस ले लिया जाए



सुधीर के पिता नवाब सिंह ने बताया कि वह एक जनवरी को बेटे को नए साल की शुभकामनाएं नहीं दे पाए थे। दो जनवरी को उन्होंने उसे फोन किया था। तब उसने बताया था कि वह ध्रुव हेलिकॉप्टर उड़ा रहा है। हेलिकॉप्ट उड़ाने का 20 घंटे का प्रशिक्षण लिया है। छह जनवरी को ट्रेनर 26 जनवरी की परेड़ के लिए दिल्ली जा रहे हैं। रविवार को एक और सर्विलांस शॉर्टी करनी है। रविवार को शॉर्टी करने के बाद लैंडिंग के वक्त हादसा हो गया। उन्होंने कहा कि ध्रुव हेलिकॉप्टर से यह तीसरा हादसा हुआ है। सरकार को इस हेलिकॉप्टर को शॉर्ट टर्म जांच के ग्रीन सिग्नल देने की जगह विशेष जांच करवानी चाहिए। यदि हेलिकॉप्टर में खामी निकलती है, तो इसे वापस ले लें।




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