हसवा। समाज कल्याण विभाग ने वृद्धावस्था पेंशन के सत्यापन अभियान में बड़ा बदलाव कर आधार कार्ड को आयु का अंतिम प्रमाण मानने के बजाय ग्राम पंचायत स्तर पर तैयार परिवार रजिस्टर की नकल को मानक बनाया है। इसके चलते हसवा ब्लॉक के 2,344 वृद्धावस्था पेंशन लाभार्थियों की पेंशन फिलहाल रोक दी गई है। कई लाभार्थियों ने आवेदन के समय आधार कार्ड में दर्ज जन्मतिथि के आधार पर आयु दर्ज कराई थी।
शासन ने आधार कार्ड को आयु का मान्य प्रमाण नहीं माना है। अब संबंधित लाभार्थियों को परिवार रजिस्टर की प्रमाणित नकल उपलब्ध कराकर अभिलेखों का मिलान कराना होगा। जांच पूरी होने और अभिलेख सही पाए जाने के बाद ही पेंशन बहाल होगी। ग्रामीण क्षेत्र में आयु प्रमाण के लिए परिवार रजिस्टर की नकल या हाईस्कूल का अंकपत्र मान्य है। शहरी क्षेत्र में वोटर आईडी कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस और अंकपत्र को मानक माना गया है।
संदिग्ध आवेदनों का सत्यापन शुरू
समाज कल्याण विभाग ने जिले के सभी ब्लॉकों में संदिग्ध वृद्धावस्था पेंशन आवेदनों का सत्यापन शुरू कर दिया है। विभाग की ओर से संदिग्ध लाभार्थियों की सूची संबंधित ब्लॉकों को भेजी जा रही है। आशंका है कि कुछ आवेदकों ने पात्रता के लिए आयु संबंधी गलत जानकारी देकर आवेदन किया है। सत्यापन के दौरान लेखपाल से जारी आय प्रमाण पत्र, एसडीएम स्तर से भूमि संबंधी अभिलेख और परिवार रजिस्टर की नकल के आधार पर जांच की जा रही है। लाभार्थियों के लिए फैमिली आईडी बनवाना भी अनिवार्य किया गया है। जांच पूरी होने के बाद पात्र लाभार्थियों को ही पेंशन का लाभ मिलेगा। अपात्रों के आवेदन निरस्त कर दिए जाएंगे। हसवा ब्लॉक में 428 संदिग्ध लाभार्थियों का सत्यापन होना है।
एक नजर में आंकड़े
विवरण संख्या
कुल वृद्धावस्था पेंशन लाभार्थी 11,670
कुल विधवा पेंशन लाभार्थी 5,384
कुल दिव्यांग पेंशन लाभार्थी 1,262
रोकी गई वृद्धावस्था पेंशन 2,344
संदेह के आधार पर जांच 428
ग्रामीण स्तर पर हाईस्कूल का अंकपत्र या परिवार रजिस्टर की नकल को आयु का मानक माना गया है। सभी आवेदन लौटा दिए गए हैं। इन्हें लाभार्थियों को स्वयं अपडेट कराना होगा। शहरी क्षेत्र में उम्र के प्रमाण के लिए अंकपत्र, ड्राइविंग लाइसेंस और वोटर आईडी कार्ड मान्य हैं।
- सृष्टि अवस्थी, जिला समाज कल्याण अधिकारी।