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हैलट में छोटे ऑक्सीजन सिलेंडरों का संकट बरकरार, दिनभर में 200 की जरूरत, आए मात्र 80 छोटे सिलिंडर

Fri, 23 Apr 2021 02:34 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
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कोरोना से मचा कोहराम - फोटो : amar ujala
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कानपुर हैलट और संबद्ध अस्पतालों में छोटे सिलिंडरों का संकट गुरुवार को भी बना रहा। इमरजेंसी से लेकर वार्डों में भर्ती गंभीर मरीजों की सांसें फूलती रहीं। आपूर्तिकर्ता ठेकेदार ने भी जरूरत के हिसाब से सिलिंडर उपलब्ध कराने में हाथ खड़े कर दिए हैं।
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वहीं, लिक्विड ऑक्सीजन का एक टैंकर आने आने से कुछ राहत मिली। डीएम ने शाम को हैलट में स्वास्थ्य सुविधाओं का जायजा लिया। अस्पताल की चिकित्सा अधीक्षक डॉ. रीता गुप्ता ने उन्हें ऑक्सीजन सिलिंडरों की किल्लत बताई। 

 
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यहां भर्ती मरीजों के लिए रोज 200 छोटे और 100 बड़े सिलिंडरों की जरूरत पड़ रही है। इन अस्पतालों में मुरारी प्लांट से ऑक्सीजन की आपूर्ति होती है, पर यह ठेकेदार किल्लत बताकर जरूरत के हिसाब से आक्सीजन उपलब्ध नहीं करा रहा है। सिलिंडर की आपूर्ति भी देरी से हो रही है। 

लिक्विड ऑक्सीजन का एक टैंकर आया 
हैलट में गुरुवार को भी लिक्विड मेडिकल ऑक्सीजन का एक टैंकर आया। इस टैंकर से हैलट इमरजेंसी, न्यूरो साइंस भवन और अपर इंडिया जच्चा - बच्चा अस्पताल के पास स्थित लिक्विड मेडिकल ऑक्सीजन प्लांट में लिक्विड गैस भरी गई।

कोरोना काल में हैलट और संबद्ध अस्पतालों में रोज एक टैंकर ऑक्सीजन की जरूरत पड़ रही है। अस्पताल प्रशासन का कहना है कि लिंडे कंपनी से एक टैंकर रिजर्व में रखने के साथ ही रोज एक टैंकर उपलब्ध कराने के लिए कहा है। यदि शुक्रवार को टैंकर नहीं आया तो ऑक्सीजन का संकट बढ़ सकता है।
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