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पत्नी की हत्या का आरोपी दरोगा पुलिस की गिरफ्त से दूर

Mon, 25 May 2015 03:44 AM IST
अमर उजाला कानपुर
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पत्नी ईशा के हत्यारोपी दरोगा ज्ञानेंद्र सिंह की लोकेशन इलाहाबाद-चित्रकूट रोड पर मिली है। पुलिस की एक टीम वहां के लिए रवाना हो गई है। पता चला है कि वह छत्तीसगढ़ का एक सिम इस्तेमाल कर रहा है। दरोगा के दोस्त हत्यारोपी ट्रैवल्स एजेंसी संचालक मनीष कठेरिया की लोकेशन बर्रा और नौबस्ता मिली है। आशंका है कि एक-दो दिन में दोनों हत्यारोपी कोर्ट में समर्पण कर सकते हैं।
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हत्यारोपी दरोगा ज्ञानेंद्र सिंह और उसके साथी ट्रैवल्स एजेंसी संचालक मनीष कठेरिया को दबोचने के लिए क्राइम ब्रांच, सर्विलांस यूनिट, काकादेव एसओ, स्वरूप नगर सीओ और क्राइम ब्रांच सीओ की टीमें लगी हैं। पुलिस सूत्रों के मुताबिक दरोगा ज्ञानेंद्र छत्तीसगढ़ का एक सिम इस्तेमाल कर रहा है। पुलिस को चकमा देने के लिए वह लगातार मोबाइल और सिम बदल रहा है। उसकी लोकेशन भी लगातार बदल रही है। यही हाल मनीष कठेरिया का है। पुलिस को यह भी पता चला है कि बुधवार रात मनीष नौबस्ता में मोबाइल शॉप चलाने वाले दोस्त लवी के घर छिपने के लिए गया था। लवी ने मना कर दिया। इसके बाद उसने लवी के मोबाइल से अपने वकील से बातचीत कर बचने का रास्ता पूछा था। पुलिस मनीष की मां ऊषा, हत्या में प्रयुक्त कार का ब्लड धोने वाले अर्जुन धानुक, देवनाथ, विनय, कथित पत्रकार ऋषभ मिश्र और अर्जुन की प्रेमिका को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। पुलिस ने मनीष के दोस्त गौरव और आयुष से भी पूछताछ की। देर रात इन्हें छोड़ दिया गया। पुलिस को छानबीन में पता चला है कि दरोगा के शहर में कई महिलाओं से रिश्ते हैं। उसकी एक महिला मित्र को भी पुलिस ने हिरासत में ले रखा है। यह महिला मनीष कठेरिया के एक करीबी की भी दोस्त है।
बता दें कि नवीन नगर काकादेव निवासी ईशा की शादी वर्ष 2013 में दारोगा ज्ञानेंद्र सिंह से हुई थी। इनके डेढ़ साल की बेटी सान्या है। 18 मई को दारोगा कार से ईशा को कूष्मांडा देवी मंदिर दर्शन कराने के बहाने ले गया था। 19 मई को कौशांबी के महेवा घाट थाने के पास ईशा का सिर कटा शव मिला था।
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ईशा के घर वालों ने किया हंगामा, सुरक्षा मांगी
हत्यारोपी दरोगा ज्ञानेंद्र सिंह और मनीष कठेरिया की गिरफ्तारी नहीं होने से ईशा के घरवाले नाराज हैं। शनिवार देर रात परिवार केलोग काकादेव थाने पहुंचे। पुलिस पर प्रभावी कार्रवाई न करने और आरोपियों को मदद करने का आरोप लगाकर हंगामा किया। किसी तरह अफसरों ने इन्हें समझा-बुझाकर शांत कराया। ईशा के भाई एश्वर्यराज ने अपनी और परिवार के लोगों की जान को खतरा बताकर एसएसपी से सुरक्षा की मांग की है।
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