झोलाछाप डाॅक्टर से इलाज करा चुके हजाराें लाेगाें के चेहरे पर कभी हंसी दिखाई देती थी पर अब माैत की दहशत नजर अाती है। वजह है एक पूरे के पूरे गांव का एचआईवी जैसी लाइलाज बीमारी से संक्रमित हाे जाना। झोलाछाप से इलाज करा चुके लोगों की नींद उड़ी गई है।
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हिरासत में लिया गया झाेलाछाप डाॅक्टर
उन्नाव के बांगरमऊ कस्बे के मोहल्ला प्रेम नगर और आसपास के कई गांवों में एचआईवी के 76 मरीज मिलने के बाद उन लोगों में दहशत है जिन्होंने कभी न कभी सस्ते इलाज के लालच में खुद या अपने परिवार का झोलाछाप से इलाज कराया है। हरदाेई, बिल्हाैर अाैर उन्नाव के पचासाें गांवाें के लाेगाें का उसने इलाज किया है। अब तक कुल कितने लाेग इसके शिकार हाे चुके हैं किसी काे नहीं पता है।
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डेमो पिक
प्रेमगंज, चकमीरापुर, किरमिदियापुर, सुरसेनी, मढ़ियापुर, आसत, हसनापुर, मदारपुर, जमुनिहा बंगर, जिरिकपुर, अंटवा, बुड्डा, भिखारीपुर, पतसिया के अलावा जिले की सीमा से सटे बिल्हौर, ककवन के अलावा हरदोई जिले के सीमावर्ती गांव आलापुर, कोट, पंचमखेड़ा, कटिया आदि गांवों के लोग सस्ते इलाज के चक्कर में झोलाछाप के पास आते थे।
जिन लोगों में एचआईवी की पुष्टि हो चुकी वह पहचान खुल जाने के डर से सामने नहीं आ रहे हैं। अापकाे जानकर हैरानी हाेगी जिस झाेलाछाप डाॅक्टर काे पकड़ा गया है वाे मात्र दस रूपये में लाेगाें का इलाज किया करता था। उसके यहां एक दिन में 100 मरीज अाते थे।