हैलट के रेडियोडायग्नोस्टिक विभाग के प्रशिक्षुओं ने मंगलवार को एक तीमारदार को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा। तीमारदार की माने ते उसकका कुसूर बस इतना था कि उसने अल्ट्रासाउंड का पर्चा वापस मांग लिया था।
जिस समय यह घटना हुई उस वक्त जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. नवनीत कुमार एसआईसी कार्यालय में स्वाइन फ्लू पर पत्रकारों से बात कर रहे थे। हालांकि, प्रिंसिपल डॉ. नवनीत कुमार और एसआईसी डॉ. आरसी गुप्ता ने मामले की जानकारी से इंकार किया है।
कहा कि रेडियोडायग्नोस्टिक विभाग के लोगों से बात की जाएगी। यदि ऐसा हुआ है तो गलत है। कानपुर देहात के बारा की राबिया बेगम पत्नी अब्दुल वहीद को पेट में तकलीफ है।
मंगलवार को भतीजा जावेद और सलीम उसे लेकर हैलट ओपीडी में पहुंचे। मेडिसिन विभाग के डॉ. आरके वर्मा ने अल्ट्रासाउंड जांच कराने को कहा।
सलीम ने सुबह 11.30 बजे अल्ट्रासाउंड का पर्चा जमा कर दिया। दोपहर 1.30 बजे तक नंबर नहीं आने पर सलीम अल्ट्रासाउंड कक्ष के बाहर पहुंचा और कहा कि उसके बाद वालों की जांच हो गई चाची को क्यों नहीं बुलाया जा रहा है।
प्रशिक्षुओं उसे डांट दिया तो उसने चाची का पर्चा मांगा। इसके बाद एक प्रशिक्षु ने राबिया का पर्चा निकाला और फाड़कर फेंक दिया। सलीम ने विरोध किया तो उसकी पिटाई शुरू कर दी।
जान बचाकर सलीम एसआईसी कक्ष के बाहर खड़े गार्ड के पीछे छिप गया। वहां पहुंचे अल्ट्रासाउंड के आठ प्रशिक्षुओं ने सलीम को फिर खींच लिया और पिटाई की। किसी तरह प्रशिक्षुओं के चंगुल से सलीम छूटा।
बाद में सलीम ने पुलिस को सूचना देने से इंकार कर दिया। उसने कहा कि डॉक्टर उसे ही आरोपी बना देंगे। अभी वह पिटा है, हो सकता है कि उसे जेल में भी डाल दिया जाए।