महोबा के थाना अजनर के ग्राम अकौना में ग्राम प्रधान की दिन दहाड़े लोहे की रॉड व लाठी डंडों से हमला के बाद गोली मारकर हत्या किए जाने की घटना से गांव में सन्नाटा पसरा है। हत्या के आरोपी पूर्व प्रधान व हिस्ट्रीशीटर अपराधी सुखराम राजपूत का गांव में सिक्का चलता है।
ग्रामीण उसके खिलाफ जुबान नहीं खोलते। हिस्ट्रीशीटर अपराधी के खिलाफ हत्या समेत आठ मुकदमे पहले से ही दर्ज हैं। विकासखंड जैतपुर की ग्राम पंचायत अकौना में 15 वर्ष से लगातार प्रधानी कर रहे हिस्ट्रीशीटर सुखराम को पिछले चुनाव में हार का सामना करना पड़ा था।
राजू कुशवाहा के प्रधान बनने से वह वोट न देने वालों से भी खुन्नस मानता था। सुखराम के हिस्ट्रीशीटर होने और दबंगई के चलते कोई भी व्यक्ति विरोध करने की जहमत नही उठाता। रविवार को दिनदहाड़े ग्राम प्रधान की बेरहमी से मारपीट के बाद गोली मारकर हत्या कर दी गई लेकिन आसपास रहने वाले किसी भी ग्रामीण ने बीच बचाव की हिम्मत नहीं जुटाई और न ही पुलिस को जानकारी देना उचित समझा।
परिजनों का कहना है कि यदि समय से लोग एकजुट हो जाते और बीच बचाव करते तो ग्राम प्रधान की जान बच सकती थी। ग्राम प्रधान की हत्या के आरोपी सुखराम के खिलाफ थाना अजनर में जानलेवा हमला, हत्या, एससीएसटी एक्ट, आबकारी अधिनियम समेत आठ मुकदमे दर्ज हैं।
हिस्ट्रीशीटर की गिरफ्तारी के लिए अभियान चलाया गया लेकिन सुखराम गांव में ही रहकर खुलेआम घूमता रहा। उसकी गिरफ्तारी न होने से ग्रामीण हमेशा दहशत में रहते हैं। अब ग्राम प्रधान की हत्या के बाद कई थानों की पुलिस को गांव में तैनात कर दिया गया है। आरोपियों की गिरफ्तारी को लेकर दबिश दी जा रही है।
पिता की मौत के बाद सुधबुध खो बैठा पुत्र
ग्राम अकौना निवासी ग्राम प्रधान राजू कुशवाहा की मौत के बाद परिजनों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। पिता की मौत के बाद इकलौता पुत्र मदनपाल अपनी सुधबुध खो बैठा। जिला अस्पताल में डाक्टरों द्वारा राजू को मृत घोषित किए जाने के बाद बेटा गश खाकर गिर गया। परिवार के सदस्य उसे संभालते दिखे। घटना के बाद मृतक की पत्नी राजकुमारी, पुत्री धनकुंवर (16) व मानकुंवर (19) का रो- रोकर बुरा हाल है।