ये है कानपुर की विजय बैंक शाखा जहां से गायब हुए हैं 10 लाख रुपये
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कानपुर में विजया बैंक की कल्याणपुर ब्रांच से 10 लाख रुपये गायब होने से हड़कंप मच गया। बैंक अधिकारियों ने चपरासी पर ही अपना शक जताया है। फिलहाल पुलिस मामले की छानबीन कर रही है।
कल्याणपुर पनकी रोड स्थित बैंक के कर्मचारियों ने सोमवार की शाम कैश का मिलान किया तो करेंसी चेस्ट (खजाने) में रखे रुपयों में 10 लाख रुपये (दो हजार के नोटों की पांच गड्डियां) कम थे। इस पर हुई पूछताछ के बाद पता चला कि बैंक का चपरासी कल्याणपुर आवास विकास-3 निवासी कुंदन सिंह मेहरा पुत्र श्याम सिंह मेहरा शाम से ही लापता है। कुंदन मूलरूप से अलमोड़ा (उत्तराखंड) के बत्थल गांव का निवासी है। शाखा प्रबंधक हिमांशु सिन्हा की गैर मौजूदगी में सहायक मैनेजर श्वेता द्विवेदी ने अपने उच्चाधिकारियों को मामले से अवगत कराया। इसके बाद कुंदन की तलाश की गई। कुंदन का पता नहीं चलने पर रात 12 बजे के आसपास सौ नंबर पर पुलिस को घटना के बाबत जानकारी दी गई। बैंक पहुंची पुलिस गार्ड को लेकर कुंदन के घर भी गई, लेकिन वह नहीं मिला। इसके बाद पुलिस को कुंदन का मोबाइल एक्सप्रेस रोड के रैन बसेरा में एक भिखारी के पास से बरामद हुआ। देर रात करीब दो बजे श्वेता ने कुंदन के खिलाफ थाने में तहरीर दी। सहायक मैनेजर के मुताबिक बैंक में लगे सीसी कैमरे में कुंदन की कुछ तस्वीरें संदिग्ध हालात में कैद हैं। बैंक कर्मियों की अनुसार कुंदन दिन में कई बार करेंसी चेस्ट के भीतर कैश लेकर आता जाता था। मंगलवार को पूरे दिन बैंक अधिकारी एफआईआर के लिए थाने के चक्कर काटते रहे। पुलिस का कहना है कि कुंदन सरकारी कर्मचारी है और वह लापता है। फिर बैंक अधिकारियों ने भी सूचना देने में काफी देर की थी। लिहाजा सीसीटीवी कैमरे के फुटेज देखने और बैंक कर्मियों से पूछताछ के बाद ही रिपोर्ट दर्ज की जाएगी।
नौ, दो और ग्यारह को खुली थी शाखा
चपरासी की करतूत ने बैंक कर्मियों को शाखा के खुलने की तारीख याद दिला दी। बैंक में पूरे दिन चर्चा होती रही कि नौ फरवरी 2011 को शाखा का शुभारंभ हुआ था। चपरासी भी कैश लेकर नौ, दो ग्यारह हो गया।