रेल हादसे की डेमो पिक और कानपुर के हैलट अस्पताल में जांच करने पहुंचे एनआईए के अधिकारी
पुखरायां रेलवे स्टेशन के पास हुए इंदौर-पटना एक्सप्रेस हादसे की जांच एनआईए ने तेज कर दी है। एनआईए को पता चला है कि हादसे में कोई संदिग्ध आतंकी भी घायल हुआ था। सोमवार को कानपुर के हैलट अस्पताल पहुंची एनआईए की टीम ने हादसे में घायल और मरने वालों के रिकार्ड के साथ-साथ इंजरी रिपोर्ट मांगी। एक घंटे तक चली पूछताछ के बाद एनआईए की टीम लौट गई।
एक संदिग्ध की तलाश
पूछताछ के दौरान एनआईए घायलों की सूची में एक शख्स का नाम तलाश रही थी। ट्रेन हादसे के दौरान वह शख्स भी घायल हुआ था। उस पर एनआईए को संदेह है। हालांकि सूची में उसका नाम नहीं मिला। इस शख्स का नाम और उससे जुड़ी जानकारियों को एनआईए के अफसर बताने को तैयार नहीं है।
तीन सदस्यीय टीम हैलट पुलिस चौकी पहुंची
सुबह एनआईए के डिप्टी एसपी की अगुवाई में तीन सदस्यीय टीम हैलट पुलिस चौकी पहुंची। वहां से चौकी प्रभारी संजय सिंह के साथ अस्पताल के एसआईसी (प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक) डॉ.आरसी गुप्ता के दफ्तर पहुंची। टीम ने उनसे पुखरायां रेल हादसे में इलाज के दौरान मरने वाले और घायल यात्रियों के नाम और पते से संबंधित सूची मांगी। घायलों का इलाज करने वाले डॉक्टरों का डिटेल और इंजरी रिपोर्ट भी मांगी। एसआईसी ने रेल हादसे से जुड़े पूरे दस्तावेज एनआईए टीम को मुहैया करा दिए।
डॉक्टरों के बयान दर्ज होंगे
पुलिस का कहना है कि एनआईए हादसे में घायल लोगों और इलाज करने वाले डॉक्टरों के बयान दर्ज करेगी। ताकि साफ हो सके कि ट्रेन पलटने केपीछे रेलवे की लापरवाही थी या आतंकी साजिश। बता दें कि पुखरायां में 20 नवंबर को कानपुर-झांसी ट्रैक पर ट्रेन पलट गई थी। इसमें 152 यात्री मारे गए थे। 300 से ज्यादा यात्री घायल हुए। मामले की जांच पहले जीआरपी झांसी कर रही थी। रेल हादसे में आतंकी साजिश की बात सामने आने पर केंद्र सरकार ने जांच एनआईए को सौंप दी थी।