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100 नंबर पर कॉल कर मांगते रिचार्ज, पानी की टंकी भरवाने को फायर ब्रिगेड को करते हैं फोन

Mon, 03 Apr 2017 11:48 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला/फतेहाबाद
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थानों में भी दिलाई स्वच्छता की शपथ - फोटो : अमर उजाला
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अगर आपको फोन रिचार्ज करवाना हो तो आप किसे फोन करेंगे। आपकी टंकी में पानी नहीं आ रहा तो किसे फोन करेंगे। आप सोच रहे होंगे, ये कैसे सवाल हैं। इसका जवाब निश्चित तौर पर संबंधित विभाग या दुकानदार ही होगा। लेकिन कुछ शरारती तत्वों ने फर्जी काल्स कर विभागों को परेशान कर रखा है।
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विभाग से मिली जानकारी के अनुसार फतेहाबाद के कुछ लोग मोबाइल रिचार्ज करवाने के लिए पुलिस कंट्रोल रूम को फोन करते हैं तो कुछ लोग पानी की टंकी भरवाने के लिए फायर ब्रिगेड को फोन कर देते हैं। इतना ही नहीं, कई बार तो ऐसी कॉल्स स्वास्थ्य विभाग की एंबुलेंस को भी बिना हादसे के ही दौड़ा देते हैं। जी हां, जिले की सभी आपातकालीन सेवाओं के टोल फ्री नंबरों पर आने वाली फर्जी फोन कॉल्स ने इमरजेंसी सेवाओं को परेशान कर रखा है।

पुलिस कंट्रोल रूम में हर माह दो से पांच हजार फर्जी कॉल्स
पुलिसकर्मियों की मानें तो 100 नंबर पर कुछ लोग फोन करके रिचार्ज करने की बात करते हैं। कर्मियों की मानें तो कुछ लोग तो ऐसे भी होते हैं जो सौ नंबर पर खुद फोन करते हैं और कहते हैं कि इस नंबर से मिस कॉल आई थी। जबकि आपातकालीन नंबरों पर आउटगोइंग कॉल की सुविधा ही नहीं होती। ऐसी स्थिति से निपटने के लिए एसपी फतेहाबाद ओपी नरवाल ने अंबाला मुख्यालय में एक पत्र लिखकर इस समस्या के बारे में अवगत भी कराया है। इन फर्जी और परेशान करने वाली कॉल्स से सिर्फ पुलिस कंट्रोल रूम ही नहीं, बल्कि दमकल विभाग भी परेशान है। औसतन यहां पर सौ से ज्यादा कॉल्स रोजाना आती हैं जो फर्जी होती हैं। आप हैरान होंगे, पिछले दिनों एक कॉल आई जिसमें कॉल करने वाले ने कहा कि उसके घर पानी नहीं आया, आप आकर पानी की टंकी फूल कर दो। कई बार ब्लैंक कॉल आती है जिसमें फोन करने वाला कुछ बोलता ही नहीं। कई बार छोटे बच्चों के हाथ में फोन होता है।
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एंबुलेंस भी कई बार बिना हादसे के दौड़ाई है फर्जी कॉल्स ने
102 नंबर यानी आपातकालीन एंबुलेंस सेवा नंबर, इस पर काम करने वाले कर्मचारी भी काफी परेशान हैं। कई बार ऐसा हुआ है कि इन नंबर पर फोन करने वाले ने दुर्घटना की झूठी जानकारी दे दी जिसके बाद एंबुलेंस तुरंत उस स्थान की ओर निकल जाती है। लेकिन आगे कोई दुर्घटना ही नहीं होती। कभी-कभी तो इसके चक्कर में पीड़ित तक  भी एंबुलेंस नहीं पहुंचती है।

सजा का भी है प्रावधान
आपातकालीन ट्रोल फ्री नंबर सिर्फ आपातकालीन घटनाओं की सूचना देने के लिए ही होते हैं। इन पर सामान्य कॉल्स करना आपराधिक श्रेणी में आता है। लेकिन इसके बावजूद लोग मानते नहीं हैं और इन नंबर्स पर आए दिन सैकड़ों की तादाद में फर्जी कॉल्स आती हैं।

क्या कहना है अधिकारियों ने
एएसपी गंगाराम पूनियां ने कहा कि ये गलत सिस्टम है, लोगों को समझना चाहिए कि ये आपातकालीन नंबर हैं और इनकी जरूरत किसी को भी पड़ सकती है। ऐसे में बिना वजह इन नंबरों पर फोन करके किसी अन्य की जिंदगी को खतरे में डाल देते हैं क्योंकि जिस समय उनका फोन आना हो, उस समय फर्जी कॉल्स आने से समय बर्बाद होता है।
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