अपहृत छात्र विनोद सिंह की फाइल फोटो
घर से कॉपी लेने निकले कक्षा आठ के छात्र का सरेराह अपहरण कर लिया गया। इस घटना के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। सूचना मिलते ही पुलिस भी सक्रिय हुई। अपहृत छात्र की मोबाइल से संपर्क कर लोकेशन की जानकारी पुलिस कर रही है। अपहृत को सकुशल छुड़ाने के लिए पुलिस ने दो टीमें गठित की गई हैं। पूरे मामले को पुलिस ने संदिग्ध माना है इसके बावजूद छात्र की बरामदगी को प्राथमिकता दी जा रही है।
मध्य प्रदेश रीवा जिले के जनेह त्योंथर निवासी रामपाल सिंह का 14 वर्षीय पुत्र विनोद सिंह कई साल से चित्रकूट के सदर रोड निवासी नाना छोटेलाल के घर रहकर पढ़ाई करता है। वह कक्षा आठ में ज्ञानभारती इंटर कालेज का छात्र है। सोमवार की रात लगभग 8 बजे वह घर से नाना व मौसी से कापी खरीदने की बात कहकर निकला था। नाना छोेटेलाल ने बताया कि कुछ लोगों ने जानकारी दी है कि जैसे ही विनोद सीआईसी के पास पहुंचा। पीछे से काले रंग की स्कार्पियो आकर उसके पास रूकी। उसमें से एक युवक ने इलाहाबाद जाने का रास्ता पूछकर उसे पास बुलाया। फिर अचानक दरवाजा खोलकर उसे अंदर बैठा लिया। इसके बाद उसे जंगल की ओर ले गए। अपहृत के पास मोबाइल है जो कई बार चालू और बंद होता है। जिसमें कई बार बातचीत हुई है। इसी आधार पर अपहरण की जानकारी हुई है।
तुरंत इसकी सूचना कोतवाली पुलिस को दी गई। अपहरण की जानकारी होते ही पुलिस विभाग सक्रिय हो गया। अपर एसपी बलवंत कुमार चौधरी व कोतवाल सुभाष चौरसिया ने आसपास नाकेबंदी कर वाहनों की तलाशी शुरू की। इसके बाद सर्विलांस के जरिए अपहृत व आरोपियों की लोकेशन की जानकारी की। मंगलवार को पुलिस की दो टीमें अपहृत की सकुशल बरामदगी के लिए गठित की गई हैं। अपर एसपी ने बताया कि छात्र गायब तो हुआ है लेकिन जिस तरह की घटना बताई जा रही है उससे मामला संदिग्ध लगता है। बावजूद प्राथमिकता छात्र की बरामदगी है। अपहृतों का कुछ सुराग नहीं लगा है। एक बार अपहृत से मोबाइल पर बातचीत हुई तो उसने बताया कि स्कार्पियो में दो लड़कों को भी नैनी इलाहाबाद से पकड़ा गया है। जो उसके साथ बैठे हैं।