बिरहाना रोड पर शनिवार रात एक व्यापारी के आफिस से 15 लाख रुपये लूट कर भाग रहे एसटीएफ के सिपाही समेत चार लुटेरों को कर्मचारियों और पब्लिक ने पीछा करके दबोच लिया।
पिटाई करने के बाद लुटेरों को पुलिस के हवाले कर दिया। ये लोग व्यापारी के दफ्तर में एसटीएफ अधिकारी बनकर पहुंचे थे और हवाला का धंधा करने की बात कहते हुए तिजोरी से रुपये निकाल लिए। कर्मचारियों को बंधक बनाकर पीटा भी। सीओ कलक्टरगंज, एसपी पूर्वी समेत एसटीएफ के अधिकारी पूछताछ करने थाने पहुंचे और पूछताछ जारी थी। लुटेरे बार-बार अपना नाम-पता और पहचान बदल रहे थे।
बिरहाना रोड पर बीएन सावला बिल्डिंग के थर्ड फ्लोर पर गुजरात की डी-नटवरलाल जीरा कंपनी का दफ्तर है। कंपनी के एजेंट दीक्षित पटेल और योगेश पटेल बिल्डिंग के फ्लैट में रहकर कंपनी का काम देखते हैं। दीक्षित पटेल ने बताया कि शनिवार रात चार युवक दफ्तर में घुस आए। खुद को एसटीएफ अधिकारी बताते हुए धमकाया कि जीरा कंपनी की आड़ में हवाला कारोबार चलाते हो, जेल जाओगे।
उन लोगों ने तिजोरी में रखा 12.26 लाख रुपये निकाल लिए। वहां एक अन्य व्यापारी करन से मारपीट करते हुए उससे तीन लाख लूट लिए। सिपाही ने कंपनी के दोनों एजेंटों और व्यापारी का सिम मोबाइल से निकाल तोड़ दिया। फिर कंपनी के एजेंट दीक्षित, योगेश और व्यापारी को आफिस में बंद कर दिया और रुपये बैग में भर भाग निकले।
कर्मचारियों ने दरवाजा तोड़लुटेरों का पीछा किया और लोगों की मदद से चारों को दबोच लिया। चारों मे फिर एसटीएफ का नाम लेकर सबको धमकाया और बढ़ गए। भीड़ ने फीलखाना चौकी के पास तीन लुटेरों को दबोच लिया और पुलिस के हवाले कर दिया। जबकि एक लुटेरा भागने में कामयाब रहा।
लुटेरों के बैग से पुलिस ने 12 लाख बरामद कर लिए, जबकि बाकी रुपये भागे लुटेरे के पास हैं। एसओ फीलखाना ने पूछताछ की तो लुटेरों ने नाम सरसौल महाराजपुर के अमरेन्द्र सिंह (एसटीएफ सिपाही), राजेश सिंह और राजू सिंह बताया। तीनों ने कई बार नाम बदला। कभी खुद को स्टूडेंट तो कभी कानपुर क्लब के गार्ड बताया।