सिकंदरा/डेरापुर (कानपुर देहात)। हाइवे पर ओवरटेक करने के विवाद में डीसीएम चालक-परिचालक से मारपीट कर रहे इटावा के दिग्गज सपा नेता के करीबी युवकों ने रोकने पर पुलिस वालों से भी मारपीट कर दी। अतिरिक्त फोर्स बुलाकर युवकों को पकड़कर थाने लाया गया तो भी युवकों ने पुलिस को जमकर अपशब्द बके। इस पर पुलिस ने थाने में उन्हें धुना और मेडिकल के लिए ले गए। बाद में दबाव पड़ने पर पुलिस ने मामला रफा-दफा कर दिया। थाना पुलिस का कहना है कि तहरीर न मिलने के कारण बगैर कानूनी कार्रवाई किए ही दोनों पक्षों को छोड़ दिया गया है।
पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार इटावा, भरथना, मैनपुरी, आगरा के छह युवक बुधवार रात एक लग्जरी कार से हाईवे से जा रहे थे। गौरियापुर गांव के निकट उन्होंने एक डीसीएम को ओवरटेक करने का प्रयास किया। साइड न मिलने पर विवाद हो गया। इस पर डीसीएम चालक शिकोहाबाद जिले के एटा चौराहा निवासी सतेंद्र और परिचालक सत्यप्रकाश ने मामले की सूचना डेरापुर थाना पुलिस को दी। ड्राइवर ने पुलिस को बताया कि कार सवार लुटेरे उनका पीछा कर रहे हैं और ओवरटेक करके डीसीएम रोककर लूटपाट करना चाहते हैं। इस पर डेरापुर थानाध्यक्ष शिवकांत शुक्ला की अगुवाई में पुलिस ने रसधान के आगे पेट्रोल पंप पर डीसीएम और कार रोक ली। युवक पुलिस पर ही हमलावर हो गए। पुलिस कर्मी पिट गए। दो लोगों की वर्दी भी फट गई। इस पर वायरलेस किया गया तो सिकंदरा थानाध्यक्ष अतिरिक्त फोर्स लेकर आ गए। फिर युवकों को सिकंदरा थाने में बंद कर दिया गया। यहां भी युवकों ने जमकर हंगामा किया और पुलिस कर्मियों को अपशब्द कहे। इस पर पुलिस ने उनकी पिटाई कर दी। इस मामले में थानाध्यक्ष सिकंदरा अतर सिंह का कहना है कि कोई पक्ष तहरीर देने को तैयार नहीं हुआ तो सभी को छोड़ दिया गया। पुलिस से भिड़ने की बात गलत है। उधर डेरापुर थानाध्यक्ष का कहना है युवकों ने उनके साथ खींचातानी की थी, मारपीट नहीं।