इटावा में हुए दोहरे हत्याकांड के पीछे की वजह प्रेम प्रसंग नहीं हो सकती। इसका खुलासा खुद मृतक संदीप और खुशबू के गांववालों ने किया है। गांववालों की मानें तो संदीप और खुशबू प्रेमी-प्रेमिका नहीं थे। संदीप तो ड्राइवर था और खुशबू कॉलेज स्टूडेंट। दोनों को कभी भी एक साथ कहीं नहीं देखा गया।
इटावा के ग्राम चडरौआ के पास में बन रहे फ्रेट कॉरिडोर रेलवे ट्रैक के पास बोलेरो में मृत मिली युवती खुशबू घर से छात्रवृत्ति लेने की बात कहकर निकली थी। भाई रिंकू ने सोमवार की सुबह खुशबू को सराय भूपत फाटक के पास छोड़ा था। वह संदीप के साथ कैसे बोलेरो में पहुंची उसे कुछ नहीं पता। उसने संदीप व खुशबू के बीच किसी प्रकार के संबंध होने के बारे में भी अनभिज्ञता जाहिर की है।
खुशबू जसवंतनगर में शिवपाल सिंह डिग्री कॉलेज में बीएससी तृतीय वर्ष की छात्रा थी। भाई रिंकू यादव ने बताया कि खुशबू को उसने सरायभूपत रेलवे फाटक के पास छोड़ था और घर चला आया था। वह सराय भूपत से 45 किलोमीटर दूर चडरौआ कैसे पहुंच गई। इस बारे में उसे कुछ भी पता नहीं। दोपहर करीब सवा दो बजे उसे पुलिस से सूचना मिली कि खुशबू का शव बोलेरो में संदीप के साथ पड़ा मिला है। इस पर अपने परिजनों के साथ यहां आया। खुशबू संदीप के साथ कैसे और क्यों आई इस बारे में उसे कोई जानकारी नहीं है। संदीप व खुशबू के बीच कोई संबंध थे तो उसने इस पर अनभिज्ञता व्यक्त की। पर हालातों से यही लगता है कि दोनों के बीच कोई संबंध थे और खुशबू संदीप के साथ उसकी गाड़ी से ही वहां तक पहुंची थी। चूंकि संदीप बोलेरो को चलाता था। अधिकारियों को लेकर प्रतिदिन उक्त स्थान पर आता जाता रहता था। इससे संदीप खुशबू को वहां लेकर आया होगा। बोलेरो में खुशबू के सभी शैक्षिक अभिलेख भी मिले। इससे यही लगता है कि दोनों किसी योजना के तहत वहां पहुंचे थे।