उत्तर प्रदेश में आए क्षेत्रिय चक्रवात की वजह से राजधानी लखनऊ में जमकर बारिश हुई तो वहीं कानपुर बिना बारिश के सूखा रहा। मौसम विज्ञान विभाग के पूर्वानुमान के हिसाब से हल्की बारिश भी नहीं हो सकी। इसी का नतीजा रहा कि अधिकतम पारा चढ़ गया।
आसपास के इलाकों में उमस भरी गर्मी से राहत
बारीश के बाद उमस भरी गर्मी से राहत मिली है। पूर्वी हवाओं की गति बुधवार को 10 किलो मीटर प्रति घंटा रही। इससे मौसम का मिजाज बदल गया। अधिकतम तापमान 31.4 डिग्री सेल्सियस जा पहुंचा। यह गत मंगलवार को 27 डिग्री सेल्सियस पर आ गया था। वहीं न्यूनतम पारा 24.4 डिग्री सेल्सियस रहा।
वातावरण की नमी और बढ़ने से उमस भरी गर्मी से राहत मिली है। सुबह की नमी 93 फीसदी और दोपहर की नमी 75 फीसदी रही।
चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के वरिष्ठ मौसम विज्ञानी डॉ. अनिरुद्ध दुबे ने बताया कि मानसून सक्रिय है लेकिन तेज बारिश के आसार कम हैं।
क्षेत्रीय चक्रवात की सक्रियता बढ़ी है। इसी वजह से लखनऊ सहित यूपी के कुछ जिलों में बुधवार को बारिश हुई है। अगस्त की तरह सितंबर में भी पूर्वानुमान के हिसाब से बारिश नहीं हो रही है। अब किसानों को अलर्ट रहना होगा। धान की फसलों की सिंचाई समय से करनी होगी।