माती जेल में छह माह से बंद बंदी की पेशी के दौरान पुलिस अभिरक्षा में अचानक सीने में दर्द होने लगा। पुलिस कर्मियों ने उसे उपचार के लिए जिला अस्पताल ले गए, जहां डाक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया।
रूरा थाना क्षेत्र के लक्ष्मणपुरवा गांव निवासी जितेंद्र (48) पुत्र राजाराम पिछले छह माह से बंद है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार इन पर 306, 504 व 506 सहित हरिजन उत्पीड़न धाराएं दर्ज हैं।
इसी मामलों की सुनवाई के लिए सुबह पुलिस अभिरक्षा में जितेंद्र को पेशी पर माती कोर्ट ले जाया गया था, जहां करीब सवा दो बजे कोर्ट के लाकअप में जितेंद्र के सीने में अचानक तेज दर्द शुरू हो गया।
इस पर लाकअप प्रभारी एसआई तारबाबू बंदी जितेंद्र को जिला अस्पताल ले गए। यहां पर डा. पंकज श्रीवास्तव व डा. एके सिंह ने परीक्षण कर जितेंद्र को मृत घोषित कर दिया। जिस पर घटना की सूचना उन्होंने उच्चाधिकारियों को दी।
सूचना पर जिला अस्पताल पहुंचे एसडीएम हरिहरराम, सीओ विनीत भटनागर, तहसीलदार ओपी शुक्ला सहित अन्य अधिकारी पहुंच गए और मृतक के मामले की जांच पड़ताल शुरू कर दी।
मृतक बंदी के घर सूचना भेजी। सूचना पर जिला अस्पताल पहुंचे परिजन शव देख बिलख पड़े। वहीं परिजनों का आक्रोश देख जिला अस्पताल में पुलिस बल तैनात कर दिया गया।
श्रीप्रकाश त्रिपाठी जेलर माती जेल, कानपुर देहात ने बताया कि पिछले छह माह से जेल में जितेंद्र बंद था। जिसे सुबह पुलिसकर्मी कोर्ट में सुनवाई के लिए पेशी पर लेकर गए थे।
उन्हें पेशी के दौरान पुलिस अभिरक्षा में जितेंद्र के सीने में अचानक उठे दर्द से मौत होने की जानकारी मिली है।