ड्यूटी जाते समय शुक्रवार की दोपहर पोस्टमार्टम हाउस प्रभारी की गोली मारकर हत्या कर दी गई। फतेहपुर से कानपुर के हैलट अस्पताल ले जाते समय रास्ते में उन्होंने दम तोेड़ दिया। बाइक सवार तीन नकाबपोश बदमाश वारदात को अंजाम देकर फरार हो गए। कानपुर से देर शाम शव फतेहपुर लाया गया।
मूल रूप से कौशांबी जिले के मंझनपुर कोतवाली क्षेत्र के जुवरा गांव निवासी दिलीप सिंह (50) पुत्र मोतीलाल शहर की नई तहसील रोड जुबली नगर में निजी आवास में परिवार संग रहते थे। स्वास्थ्य विभाग में चीफ फार्मेसिस्ट दिलीप करीब दस साल से पुलिस लाइन अस्पताल और पोस्टमार्टम प्रभारी के पद पर नियुक्त थे। शुक्रवार दोपहर लगभग ढाई बजे वह घर से पोस्टमार्टम के लिए बाइक से निकले थे। नउवाबाग रोड से हाईवे की ओर जाने वाले कच्चे रास्ते पर मुड़ते ही बाइक सवार नकाबपोश बदमाशों ने गोली मार दी। गोली दिलीप की पीठ में लगी। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक गोली लगने के बाद वह रुके और बाइक खड़ी की। हत्यारों की ओर एक बार देखा भी।
लहूलुहान हालत में वह खुद हाईवे पर पहुंचे और धर्मकांटा पर लोगों को गोलीकांड की सूचना दी। उन्होंने खुद ही कोतवाली में संपर्क किया। मौके पर पहुंची पुलिस घायल को जिला अस्पताल लाई। पीठ पर आठ से नौ छर्रे धंसे थे। यहां प्राथमिक इलाज के बाद डाक्टरों ने कानपुर रेफर किया। हैलट में डाक्टरों ने मौत होने की पुष्टि की। पुलिस की प्रारंभिक जांच में हत्या की कोई ठोस वजह उभर कर सामने नहीं आई है। सीओ सिटी समरबहादुर पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे। कोतवाल सच्चिदानंद त्रिपाठी ने बताया कि हत्यारोपियों की तलाश में छापेमारी की जा रही है। कुछ लोगों की धरपकड़ कर उनसे पूछताछ चल रही है। उन्होंने बताया कि पोस्टमार्टम हाउस से जुड़े लोग भी पूछताछ के दायरे में हैं। कोतवाल ने बताया कि तहरीर मिलने पर रिपोर्ट दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।