कानपुर। पुलिस समेत विभिन्न सरकारी विभागों में भर्ती और शैक्षिक संस्थाओं में दाखिले को आयोजित परीक्षाओं में साल्वर बैठाने व फर्जी दस्तावेज तैयार करने वाले जालसाजों के एक हाईटेक गैंग का खुलासा हुआ है। आईजी आशुतोष पांडेय और कल्याणपुर पुलिस की टीम ने संयुक्त रूप से शनिवार रात काकादेव और कल्याणपुर क्षेत्र के एक स्टूडियो और साइबर कैफे में छापा मारकर बड़ी संख्या में फर्जी शैक्षिक प्रमाण पत्र, पुलिस के परिचय पत्र, मार्कशीट, वोटर आईडी, वोटर कार्ड के होलोग्राम, विभिन्न सरकारी विभागों की भर्ती परीक्षाओं केप्रोफार्मा, पुलिस भर्ती के प्रवेश पत्र, सरकारी विभागों की मोहरें समेत तमाम दस्तावेज बरामद किए हैं। पुलिस ने दोनों दुकानों के कंप्यूटर, हार्ड डिस्क, मोबाइल फोन और अन्य सामान सीज कर दिए हैं। दोनों दुकानों के संचालकों समेत छह लोगों को पकड़ा गया है। इन सभी से देर रात तक पूछताछ चलती रही।
रविवार को आयोजित कांस्टेबल भर्ती परीक्षा को लेकर पुलिस अफसर खास सतर्कता बरत रहे थे। साल्वरों और उनकी मदद करने वालों पर निगाह रखी जा रही थी। इसी दौरान आईजी को पता चला कि कल्याणपुर और काकादेव क्षेत्र में साल्वरों और जालसाजों का गैग सक्रिय है। आईजी ने अपनी स्पेशल टीम को मामले की सत्यता पखरने का जिम्मा सौंपा। टीम के लोग सादे कपड़ों में वहां पहुंचे और आईजी के नाम और पते का वोटर आईडी कार्ड बनवा लिया लेकिन फोटो किसी और का लगा था। सूचना सही होने पर आईजी ने शनिवार रात अपने पीआरओ एसआई शिवम सिंह और अमर सिंह की अगुवाई में दो टीमें गठित की। इनमें जोन दफ्तर के पुलिसकर्मियों को शामिल किया। रात में दो टीमों ने एक साथ विकास नगर स्थित नव दुर्गा स्टूडियो और छपेड़ा पुलिया में बालाजी इंटरनेट कैफे पर छापा मारा।
पुलिस टीम ने नव दुर्गा स्टूडियो के संचालक विकास नगर कल्याणपुर निवासी धीरज सिंह और इंटरनेट कैफे के संचालक केशवपुरम कल्याणपुर निवासी विवेक कुमार निगम समेत छह लोगों को दबोच लिया। पुलिस ने दोनों दुकानों की तलाशी ली। वहां पुलिस के फर्जी आईकार्ड, कांस्टेबल भर्ती परीक्षा के प्रवेश पत्र, माध्यमिक और डिग्री कालेजों की मार्कशीट, प्रमाण पत्र, वोटर आईडी, वोटर कार्ड केहोलोग्राम, राजस्व विभाग से जुड़े दस्तावेज, विभिन्न सरकारी विभागों में भर्ती और शैक्षिक संस्थाओं में दाखिले से जुड़े कागजात और प्राफोर्मा, फार्म समेत तमाम कागजात बरामद किए। पुलिस ने कंप्यूटर, हार्ड डिस्क, मोबाइल फोन समेत इलेक्ट्रिानिक्स बरामद किए हैं। आईजी ने बताया कि स्टूडियो और साइबर कैफे संचालकों की विभिन्न सरकारी विभागों की भर्ती परीक्षाओं और शैक्षिक संस्थानों के दाखिले के लिए आयोजित होने वाली परीक्षाओं में शामिल होने वाले साल्वरों के लिए फर्जी दस्तावेज तैयार करते थे। नाम और पता असल अभ्यार्थी का होता और फोटो साल्वर की। साल्वर के ऐसे फोटोग्राफ्स भी यह लोग तैयार करते थे, जो पहचाना न जा सके। यह लोग गोरखधंधे में मोबाइल और व्हाट्स एप का प्रयोग करते थे। इनकेजरिए सूचनाओं और फोटोग्राफ्स का अदान-प्रदान किया जाता था। पकड़े लोगों से पूछताछ की जा रही है। इनसे गैंग से जुड़े लोगों और फर्जीवाड़े के कारोबार के बारे में अहम जानकारी मिलने और साल्वरों का बड़ा गैंग हाथ लगने की उम्मीद है।