फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

हॉस्पिटल ने नहीं लिए पुराने नोट, मरीज की हो गई मौत

Sun, 20 Nov 2016 01:33 AM IST
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
विज्ञापन
पौन घंटे तक न तो डॉक्टर पहुंचे और न ही किसी ने घरवालों की नर्सिंगहोम में सुनवाई हुई
विज्ञापन
कानपुर में वैन और ट्रक की भिड़ंत में घायल अखिलेश त्रिपाठी की गुरु तेग बहादुर हॉस्पिटल में मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि चलन वाले नोटों के न होने की वजह से शनिवार सुबह उन्हें आईसीयू से जनरल वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया। परिजन 500-1000 के नोट हाथ में लेकर बेहतर इलाज के लिए गिड़गिड़ाते रहे। पौन घंटे तक न तो डॉक्टर पहुंचे और न ही किसी ने घरवालों की नर्सिंगहोम में सुनवाई हुई।  
विज्ञापन

18 नवंबर की रात गढ़ेवा, ककवन (कानपुर देहात) निवासी अखिलेश त्रिपाठी (42) बिल्हौर से अपनी वैन से लौट रहे थे। अलियापुर के पास रात 12 बजे के करीब ट्रक ने उनकी वैन में टक्कर मार दी। गंभीर हालत में उन्हें हैलट लाया गया। यहां इलाज में देरी के चलते अखिलेश को मरियमपुर हॉस्पिटल के पास स्थित गुरु तेग बहादुर अस्पताल ले जाया गया। अखिलेश के बड़े भाई राकेश और उनके दोस्त समीर का आरोप है कि नर्सिंगहोम में तुरंत 10 हजार रुपये जमा करने के लिए कहा गया। इस पर 500 और 1000 के नोट दिए तो इन्हें लेने से इनकार कर दिया। एक कर्मचारी ने इन नोटों को आधे में लेने को कहा। इस पर हुई कहासुनी के बाद छोटे नोट का इंतजाम करने की हिदायत देने के साथ अखिलेश को आईसीयू में भर्ती कर लिया गया। परिजनों का कहना है कि तब अखिलेश बातचीत करने की हालत में थे। शनिवार को सुबह साढ़े नौ बजे अखिलेश को आईसीयू से जनरल वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया। पौन घंटे बाद उनकी मौत हो गई। अखिलेश के भतीजे विनय ने बताया कि चाचा की मौत की सूचना पुलिस को 100 नंबर पर दे दी थी। इलाज में नर्सिंगहोम की लापरवाही की लिखित शिकायत कमिश्नर, जिलाधिकारी और स्वास्थ्य विभाग से भी की जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें